More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य...

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत

    भोपाल : मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम केवल खाद्यान्न वितरण की योजना नहीं, बल्कि गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संवैधानिक आधार प्रदान करने वाला सामाजिक न्याय का सशक्त माध्यम है। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "गरीब कल्याण" के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न के अधिकार से वंचित न रहे और भूखा न सोए।

    मंत्री राजपूत भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्य खाद्य आयोग एवं केन्द्रीय नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में "राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 : प्रगति, चुनौतियां और भविष्‍य की दिशा" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्‍ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

    उचित मूल्य दुकान तक खाद्यान्न पहुँचते ही उपभोक्ता को मैसेज

    मंत्री राजपूत ने कहा कि अब वितरण केंद्र से उचित मूल्य की दुकान तक तथा दुकान से उपभोक्ता तक राशन की प्रत्येक जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल राशन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक उसका अधिकार समय पर, पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पहुँचाना है। इसी सोच के अनुरूप मध्यप्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप व्यवस्था अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। पीओएस मशीनों के माध्यम से प्रमाणीकरण, ई-केवाईसी, डिजिटल राशन वितरण, ऑनलाइन निगरानी तथा संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला की रियल टाइम मॉनिटरिंग से खाद्यान्न वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ी हैं। इससे अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगा है और हितग्राहियों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

    मंत्री राजपूत ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक को भोजन, पोषण और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार पूरी तरह सुनिश्चित हो। प्रदेश सरकार इसी लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार किसी भी परिस्थिति में अपने अधिकार से वंचित न रहे।

    मप्र के नव निर्माण में समाज – सरकार की संयुक्त भागीदारी हो

    खाद्य मंत्री राजपूत ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, जनसेवा से जुड़े संगठनों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक पात्र हितग्राही तक उसका अधिकार पहुँचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही भूख-मुक्त, कुपोषण-मुक्त, आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प साकार होगा। प्रदेश में बुजुर्ग और विकलांग उपभोक्ता खाद्यान्न लेने के लिये किसी भी व्यक्ति को नामित कर सकते है। नवाचार के रूप में 'आपका राशन-आपके द्वार' योजना लागू की गई है। इसमें राशन की गाड़ी गाँवों में ही जाकर उपभोक्तओं को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है।

    अधिकारियों की टीम अन्य राज्यों की योजनाओं का करेगी अध्ययन

    मंत्री राजपूत ने कहा कि अधिकारियों की एक टीम दूसरें राज्यों में भेजी जाएगी। यह टीम उन राज्यों में संचालित बेहतर योजनाओं का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में जो भी महत्वपूर्ण सुझाव आएंगे, उन पर विचार कर अमल में लाया जाएगा। मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सचिव श्रीमन शुक्ला ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी।

    इस अवसर पर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नीति आयोग के पूर्व सदस्‍य – प्रो रमेशचंद्र, म.प्र. राज्‍य खाद्य आयोग के अध्‍यक्ष – प्रो वीरेन्‍द्र कुमार मल्‍होत्रा, आयुक्त खाद्य भास्कर लक्षकार, डॉ. योगेश सूरी, नीति आयोग एवं देश के विभिन्न राज्यों से खाद्य आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव सहित, खाद्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here