जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने सात विकेट से शानदार जीत दर्ज की, लेकिन यह मुकाबला केवल जीत तक सीमित नहीं रहा। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपनी कप्तानी में एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड बना दिया, जो उनसे पहले दुनिया का कोई भी कप्तान नहीं बना सका था। दिलचस्प बात यह रही कि इसी मैच में उन्हें कप्तान के तौर पर अपनी पहली जीत भी हासिल हुई। भारत ने 126 रन के लक्ष्य को मात्र 13.2 ओवर में ही हासिल कर लिया। महज 15 साल के युवा वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़कर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर (नाबाद 28) और ईशान किशन (35) ने टीम को आसानी से जीत दिला दी।
कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना गए श्रेयस अय्यर?
विश्व रिकॉर्ड: श्रेयस अय्यर पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में कप्तानी के शुरुआती अपने पहले आठों मैचों में लगातार टॉस जीतने वाले दुनिया के पहले कप्तान बन गए हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड बहामास के ग्रेगरी टेलर के नाम दर्ज था, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत में लगातार सात टॉस जीते थे।
एमएस धोनी को पीछे छोड़ा: भारतीय कप्तानों की सूची में इससे पहले पूर्व कप्तान एमएस धोनी के नाम लगातार सात टी20 अंतरराष्ट्रीय टॉस जीतने का रिकॉर्ड था। धोनी ने मई 2010 से फरवरी 2012 के बीच यह उपलब्धि हासिल की थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ टॉस जीतकर अय्यर ने धोनी के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
कप्तान के रूप में पहली जीत: अय्यर के लिए यह मुकाबला इसलिए भी बेहद खास रहा क्योंकि कप्तान बनने के बाद शुरुआती सात मैचों में उन्हें एक भी जीत नसीब नहीं हुई थी। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ भारत को 2-0 से सीरीज गंवानी पड़ी थी और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। ऐसे में कप्तान के रूप में यह पहली जीत उनके और टीम के लिए बड़ी राहत लेकर आई।
वैभव सूर्यवंशी और मयंक यादव रहे जीत के मुख्य नायक
126 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने बेहद विस्फोटक शुरुआत दी। उन्होंने महज 18 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा कर तहलका मचा दिया। उनकी इस 50 रन की तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने सूझबूझ दिखाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने अपनी अनुशासित गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम को निर्धारित ओवरों में 125/7 के स्कोर पर रोक दिया था। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 2/18 के आंकड़े दर्ज किए और ब्रायन बेनेट तथा डियोन मायर्स जैसे अहम बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। प्रिंस यादव ने भी दो विकेट चटकाए, जबकि रवि बिश्नोई और शिवम दुबे के खाते में एक-एक सफलता आई।
मैच के बाद क्या बोले कप्तान श्रेयस अय्यर?
मुकाबला जीतने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि कप्तान के रूप में अपनी पहली जीत का स्वाद चखना उनके लिए एक बेहद खास और यादगार पल है। उन्होंने गेंदबाजों की सटीक रणनीतिक योजनाओं की सराहना की और युवा वैभव सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी शैली को शानदार बताया। अय्यर ने कहा कि वैभव के अंदर गजब का आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा है और उनकी बल्लेबाजी शैली टीम को पावरप्ले में तेज शुरुआत दिलाने के लिए एकदम उपयुक्त है। वहीं, घातक गेंदबाजी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए मयंक यादव ने कहा कि जिम्बाब्वे की पिच पर मिलने वाले अतिरिक्त उछाल और सीम मूवमेंट का उन्होंने पूरा फायदा उठाया, जिससे टीम ने पहले ही ओवर से मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली।


