नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क दोपहिया वाहन चालकों के लिए अत्यंत जोखिम भरी साबित हो रही है। डूंगलावादा से भाटखेड़ा के मध्य बन रहा यह नया मार्ग इन दिनों खतरनाक फिसलन क्षेत्र में तब्दील हो चुका है, जिसके चलते राहगीर लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गीली मिट्टी के जमाव के कारण वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे इस मार्ग पर सफर करना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं रह गया है।
आधे घंटे में चौदह बाइक सवार फिसलकर हुए दुर्घटनाग्रस्त
स्थल पर स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि महज आधे घंटे की समयावधि में ही चौदह मोटरसाइकिल सवार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ताश के पत्तों की तरह फिसलकर गिर पड़े। घटना स्थल से सामने आए दृश्यों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार एक के बाद एक दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि ठेकेदार व प्रशासन द्वारा समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कोई बड़ी अनहोनी घटित हो सकती है।
निर्माणाधीन फोरलेन बना चालकों के लिए डेंजर ज़ोन
वर्तमान में डूंगलावादा से भाटखेड़ा मार्ग पर निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, लेकिन कार्य स्थल पर आवश्यक संकेतक और सुरक्षा घेरा न होने से यह टू-व्हीलर चालकों के लिए 'डेंजर ज़ोन' बन चुका है। गीली मिट्टी पर पानी के छिड़काव और बारिश के कारण सड़क की ऊपरी सतह बेहद चिकनी हो गई है। ब्रेक लगाते ही वाहन फिसल रहे हैं, जिससे दर्जनों लोग अब तक घायल हो चुके हैं और उनके वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय निवासियों ने जारी की चेतावनी और वैकल्पिक मार्ग की सलाह
लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र के नागरिकों और प्रभावित लोगों ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों को सख्त चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक भूलकर भी इस रास्ते का प्रयोग न करें। सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों को मुख्य मार्ग के बजाय अन्य वैकल्पिक एवं पक्के रास्तों का चयन करने का सुझाव दिया गया है।
प्रशासनिक अनदेखी पर आक्रोश और सतर्कता की अपील
हादसे के शिकार हुए नागरिकों ने निर्माण एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद सड़क से मिट्टी हटाने या यातायात को व्यवस्थित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों को स्वयं सतर्क रहकर वाहन की गति नियंत्रित रखने और सुरक्षित दूरी बनाकर चलने की सलाह दी जा रही है ताकि हादसों से बचाव हो सके।


