जम्मू: जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर के बाद बारिश थमने से मौसम में सुधार दर्ज किया गया और खिली धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। लगातार हो रही वर्षा रुकने के बाद झेलम और चिनाब सहित घाटी व जम्मू संभाग की प्रमुख नदियों और नालों के जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम साफ होने से स्थानीय प्रशासनिक तंत्र ने भी प्रभावित इलाकों में राहत और यातायात बहाली के कार्यों में तेजी ला दी है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो दिन बाद एकतरफा यातायात शुरू
उधमपुर के देवल क्षेत्र में भारी भूस्खलन के बाद पटरियों और सड़कों पर जमा मलबा व चट्टानों को हटाकर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को दो दिन बाद दोपहर के समय एकतरफा खोल दिया गया। मार्ग खुलने से रास्ते में पिछले दो दिनों से फंसे छोटे वाहनों को श्रीनगर, डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह की ओर रवाना किया गया, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली। शाम होते-होते दोनों तरफ से गाड़ियों को आंशिक रूप से छोड़ा जाने लगा और स्थिति सामान्य रहने पर मार्ग को पूर्ण रूप से चालू करने की योजना बनाई जा रही है।
भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त और मचैल माता यात्रा 27 जुलाई तक स्थगित
बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। उधमपुर के बरकुंडा क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा गिरने की चपेट में आने से तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि गनीमत यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। उधर श्री माता वैष्णो देवी के बैटरी कार मार्ग पर भी मलबा आने की सूचना है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए किश्तवाड़ में आयोजित होने वाली प्रसिद्ध मचैल यात्रा को आगामी 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
28 से 30 जुलाई के बीच पुनः भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 28 से 30 जुलाई के दौरान जम्मू संभाग के कई हिस्सों में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान तीव्र गति से हवाएं चलने के साथ-साथ संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और चट्टानें गिरने का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों को नदी-नालों के पास न जाने और यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक वेदर अपडेट देखने की सलाह दी है।
तापमान में आई गिरावट से घाटी और जम्मू में सुहावना हुआ मौसम
लगातार हुई वर्षा के प्रभाव से पूरे प्रदेश के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री से अधिक गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर पारा काफी नीचे लुढ़क गया। पिछले 12 घंटों के दौरान बटोत में सर्वाधिक 84.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे पूरी घाटी में ठंडी हवाएं चलने से मौसम काफी सुहावना हो गया है।


