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    किसानों ने भारतमाला परियोजनाओं पर उठाए सवाल, सरकार को खुली बहस की चुनौती

    जयपुर में किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर भारतमाला व ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को निरस्त करने की मांग की

    जयपुर। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र प्रेषित कर ‘कोटपूतली–किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ तथा ‘भरतपुर–ब्यावर भारतमाला परियोजना’ को निरस्त किए जाने की मांग की है। किसानों ने इन परियोजनाओं को किसान, गांव और पर्यावरण विरोधी बताते हुए इनके लाभ एवं उपयोगिता पर सरकार को खुली बहस की चुनौती दी है।

    पत्र में कहा गया है कि सरकार द्वारा इन परियोजनाओं को जनहितकारी बताकर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि प्रभावित किसानों का मानना है कि इनसे खेती, ग्रामीण आबादी और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान संगठनों का आरोप है कि परियोजनाओं के संबंध में प्रभावित लोगों से समुचित संवाद नहीं किया गया।

    किसानों ने पत्र में उल्लेख किया कि भरतपुर–ब्यावर भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण से प्रभावित ब्यावर जिले की मसूदा तहसील के ग्राम नयागांव की ढाणी निवासी किसान आनंद पुत्र सुजा ने अवसाद में आत्महत्या कर ली। किसानों का आरोप है कि मृतक के आश्रितों को अब तक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या राहत का आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार का नैतिक दायित्व बनता है कि प्रभावित परिवार की सहायता की जाए।

    पत्र में यह भी कहा गया कि किसानों ने पूर्व में 17 जुलाई 2026 को उपखंड अधिकारी चौमू के माध्यम से सरकार को संवाद का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब तक सकारात्मक पहल नहीं हुई। किसान संगठनों का आरोप है कि सरकार प्रभावित किसानों से बातचीत करने के बजाय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

    रामपाल जाट ने कहा कि यदि सरकार इन परियोजनाओं को वास्तव में जनहितकारी मानती है तो वह सार्वजनिक मंच पर इनके लाभ और उपयोगिता पर खुली बहस करे। उन्होंने दावा किया कि किसान पक्ष तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखने को तैयार है।

    पत्र के अनुसार, किसानों ने प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के आयोजन के लिए प्रशासन को पूर्व में सूचना भी दी है। किसानों का आरोप है कि रैली को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास है।

    किसान महापंचायत का कहना है कि लगभग 500 ट्रैक्टरों के साथ प्रस्तावित रैली की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और किसान अपनी मांगों को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

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