पेपर लीक कानून को बताया देश के लिए मॉडल, निकाय चुनाव में जनता से भाजपा को सबक सिखाने का किया दावा
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को जारी बयान में पेपर लीक की समस्या को देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज पेपर लीक एक राष्ट्रीय बीमारी का रूप ले चुका है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
जूली ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा राजस्थान में बनाया गया कड़ा कानून पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून में आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने जैसे सख्त प्रावधान किए गए थे, जो पेपर लीक माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाने में सक्षम हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस कानून का अध्ययन कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने पर विचार करने की बात कही।
राज्य सरकार पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राजस्थान में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं तथा आमजन को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता और जनविरोधी नीतियों के कारण प्रदेश की जनता में सरकार के प्रति असंतोष लगातार बढ़ रहा है और सरकार जनता के सब्र की परीक्षा ले रही है।
निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर किया दावा
टीकाराम जूली ने कहा कि आगामी पंचायत एवं स्थानीय निकाय चुनावों में प्रदेश की जनता अपने मताधिकार के माध्यम से भाजपा सरकार को जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि जनता सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करेगी और चुनाव परिणामों में उसका असर दिखाई देगा।
उन्होंने दिल्ली के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हुए प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे को राजस्थान भाजपा के लिए चेतावनी बताया जा सकता है। उनके अनुसार यदि सरकार ने समय रहते अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम नहीं किया तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी।
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