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    Homeदेशपालतू कुत्ते ने मां-बेटी को काटा, 10 दिन में डॉगी की मौत

    पालतू कुत्ते ने मां-बेटी को काटा, 10 दिन में डॉगी की मौत

    पंजाब के पठानकोट में बेहद चौंकाने वाली घटना हुई है। यहां एक युवती और उसकी मां को उनके पालतू कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद दोनों मां-बेटी की हालत बिगड़ गई। किशोरी और उसकी 40 वर्षीय मां में रेबीज के गंभीर लक्षण देखे गए हैं। दोनों को परिवार वाले सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अमृतसर रेफर कर दिया गया, लेकिन दोनों की मौत हो गई। 

    बेटी पूजा और मां सलोनी मेहरा पठानकोट निवासी बताए जा रहे हैं। उनके परिजनों के मुताबिक बीते दो-तीन दिन से लड़की में लक्षण देखे गए, जिसमें उसका हवा व पानी से डरना, सांस लेने में दिक्कत आना, चिल्लाना व मुंह से पानी निकलना आदि के लक्षण देखे गए थे। 

    उन्होंने बताया कि सोमवार रात लड़की की हालत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में लाए थे। परिजनों ने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को बताया कि करीब छह माह पहले उनके पालतू कुत्ते ने मां-बेटी को काट लिया था। उसके बाद 10 दिनों के भीतर कुत्ते की मौत हो गई। ऐसे में अब इन दोनों में यह लक्षण दिख रहे हैं, जिससे ऐसा लग रहा है कि मां-बेटी को रेबीज हो गया है। रेबीज के चलते ही दोनों की मौत हुई है। 

    डॉक्टर अर्पण के मुताबिक युवती पूजा में रेबीज के लक्षण देखे गए हैं। जैसे पानी और हवा से डर, अत्यधिक चिल्लाना, सांस लेने में कठिनाई और मानसिक अस्थिरता थी। पिछले दो-तीन दिनों से उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। ऐसे में दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए अमृतसर गुरु नानक देव मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया था।

    6 माह से डेढ़ साल के अंतराल में सामने आ सकते हैं रेबीज के लक्षण

    विरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विजय कुमार ने बताया कि रेबीज वायरस जानवर (विशेषकर कुत्ते, बिल्ली व बंदर) के काटने से फैलता है। इसके लक्षण संक्रमित होने के 6 माह से लेकर डेढ़ साल तक के अंतराल में सामने आ सकते हैं। लक्षण कब सामने आएं यह इस बात पर निर्भर करता है कि कुत्ते ने शरीर के किस हिस्से पर काटा है। यदि काटा गया स्थान सिर या चेहरा हो, तो लक्षण कुछ ही दिनों में आ सकते हैं। जबकि पैर या टांग पर काटने की स्थिति में लक्षण आने में महीनों लग सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन का समय पर लगना अत्यंत आवश्यक होता है। सामान्यतः यह टीके काटने वाले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, 14वें दिन, 28वें दिन और 90वें दिन लगाए जाते हैं।
     

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