नई दिल्ली। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जिससे निवेशकों को झटका लगा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज चांदी के वायदा भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते इसके दाम काफी नीचे आ गए हैं। देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई में भी चांदी के भाव नरम पड़े हैं, जिससे ग्राहकों को खरीदारी में थोड़ी राहत मिलती नजर आ रही है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी में भारी गिरावट
घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर आज कारोबार के दौरान चांदी की कीमतों में जोरदार सुस्ती छाई रही। आज के सत्र में चांदी के दामों में 3,800 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी-भरकम गिरावट रिकॉर्ड की गई है। इस बड़ी गिरावट के बाद एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव लुढ़ककर 2,17,382 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर जा पहुंचा है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रमुख महानगरों में चांदी के घटे हुए दाम
देश के बड़े शहरों की बात करें तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज चांदी का भाव लगभग 2,39,900 रुपये से 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके अलावा दक्षिण भारत के प्रमुख शहर बेंगलुरु में चांदी के दामों में बड़ी गिरावट आई है जहां यह 5,000 रुपये सस्ती होकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही है। वहीं चेन्नई और मायानगरी मुंबई में भी चांदी के भाव में 100 रुपये की नरमी आई है और यह घटकर 2,39,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कॉमेक्स पर मंदी का असर
घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक जिंस बाजारों में भी जोरदार बिकवाली का दबाव देखा गया है। शुरुआती कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स) पर चांदी करीब 2.16 प्रतिशत टूटकर 57.445 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई। इससे पिछले सत्र में वैश्विक बाजार में चांदी 58.745 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी, जिसका सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार की कीमतों पर भी साफ तौर पर दिखाई दिया है।
कीमतों में गिरावट के पीछे भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में आई इस अचानक बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 6 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े नीतिगत फैसलों से पहले वैश्विक कॉमेक्स बाजार में निवेशकों द्वारा जमकर मुनाफावसूली की जा रही है, जिसके कारण कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं।


