More
    Homeराज्यपंजाबएलएडीसी नीति के खिलाफ वकीलों का आंदोलन तेज, जालंधर में 34 अधिवक्ताओं...

    एलएडीसी नीति के खिलाफ वकीलों का आंदोलन तेज, जालंधर में 34 अधिवक्ताओं ने शुरू की भूख हड़ताल

    जालंधर: स्थानीय जिला बार एसोसिएशन द्वारा एलएडीसी यानी लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रणाली के विरोध में छेड़ा गया संघर्ष मंगलवार को अपने इक्कीसवें दिन में दाखिल हो गया है, जिसके चलते न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह से ठप नजर आ रहा है। इस चल रहे विरोध प्रदर्शन के अगले चरण के तहत मंगलवार को बार के चौंतीस अधिवक्ता क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे और सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।

    अदालतों में मुकम्मल कामकाज का बहिष्कार

    वकीलों के इस उग्र आंदोलन को धार देते हुए बार एसोसिएशन ने एक बार फिर से 'नो वर्क डे' रखने का बड़ा ऐलान कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कोई भी वकील अदालती कार्यवाहियों या फिर विभिन्न सरकारी दफ्तरों में अपनी पेशी के लिए उपस्थित नहीं होगा। एसोसिएशन की तरफ से पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि हड़ताल की इस अवधि के दौरान सूबे का कोई भी अधिवक्ता किसी भी तरह के पेशेवर कानूनी काम को हाथ नहीं लगाएगा।

    नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

    एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कड़े तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल के इस दौर में एसोसिएशन का कोई भी सदस्य अदालती परिसर के भीतर न्यायिक कार्य करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत प्रभाव से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अनुशासनात्मक समिति इस बात पर भी पैनी नजर रख रही है कि विरोध प्रदर्शन के दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन हो रहा है या नहीं।

    भूख हड़ताल पर बैठे वकीलों को मिला समर्थन

    आंदोलन के इक्कीसवें दिन क्रमिक अनशन पर बैठे वकीलों के साथजुटता दिखाने के लिए जिला बार के तमाम सदस्यों ने एकजुटता का परिचय दिया है। एसोसिएशन ने अपने सभी साथी वकीलों से अपील की है कि वे इस 'नो वर्क डे' का पूरी ईमानदारी से पालन करें और अनशन पर बैठे वकीलों की इस लंबी लड़ाई में अपना नैतिक समर्थन व पूरा सहयोग लगातार बनाए रखें।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here