नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान घटी घटनाओं पर बड़ा रुख अपनाते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की बात कही है।
विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा: सीजेआई
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत ने कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन नागरिक अधिकारों का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि देश भर में होने वाले सार्वजनिक और छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई एवं प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए एक स्पष्ट और मानक प्रोटोकॉल (Standard Protocol) का होना बेहद जरूरी है।


