थाने के निरीक्षण में अभिलेखों की जांच, सीएलजी बैठक में जाम और साइबर अपराध के मुद्दे उठे
अलवर। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने नौगांवा थाने का निरीक्षण कर थाना व्यवस्थाओं, लंबित प्रकरणों और अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर में सीएलजी सदस्यों की बैठक भी ली। बैठक में क्षेत्र में डंपरों के कारण लगने वाले जाम, नई पुलिस चौकियां खोलने और साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाने के हवालात, मालखाना, शस्त्रागार, सीसीटीएनएस कक्ष, अपराध रजिस्टर और आगंतुक रजिस्टर सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, लंबित प्रकरणों की स्थिति तथा उनके समयबद्ध निस्तारण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की।
पुलिस अधीक्षक ने थाना स्टाफ को निर्देश दिए कि प्रत्येक फरियादी की शिकायत को संवेदनशीलता, सम्मान और धैर्य के साथ सुना जाए। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास होना चाहिए कि उसकी समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है। जनविश्वास को मजबूत करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अपराधों की विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश देते हुए कहा कि विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन, आरोपियों की गिरफ्तारी और चालान पेश करने की प्रक्रिया समयबद्ध एवं विधिसम्मत होनी चाहिए। महिला और बच्चों से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के भी निर्देश दिए गए।
एसपी ने कहा कि थाने के सभी अभिलेख सुव्यवस्थित, अद्यतन और स्पष्ट होने चाहिए। सीसीटीएनएस पर अपराध पंजीकरण से लेकर चालान पेश किए जाने तक की सभी प्रविष्टियां समय पर दर्ज की जाएं। साथ ही थाना परिसर की साफ-सफाई, कार्यालय कक्षों की व्यवस्था, हवालात की सुरक्षा, मानवाधिकारों के अनुरूप व्यवस्थाएं, पुलिसकर्मियों की वर्दी और व्यवहार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
सीएलजी बैठक में जाम और नई चौकियों का मुद्दा उठा
थाना परिसर में आयोजित सीएलजी बैठक में सदस्यों ने नौगांवा क्षेत्र में सड़कों पर डंपरों के कारण लगने वाले जाम की समस्या पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखी। सदस्यों ने अलावलपुर और मुबारिकपुर में पुलिस चौकी स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया। पुलिस अधीक्षक ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नौगांवा को साइबर अपराध से मुक्त कराने का मिशन
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नौगांवा क्षेत्र में साइबर ठगी के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। क्षेत्र को साइबर अपराध से मुक्त कराने के उद्देश्य से अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि साइबर ठगों के संबंध में कोई जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी से अर्जित संपत्ति अथवा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर किए गए निर्माण की जांच कर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस के अनुसार, पिछले सात दिनों में अभियान के तहत साइबर ठगी से जुड़े करीब 18 से 20 मामले दर्ज किए गए हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में अपराधों में कमी का दावा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में हत्या के मामलों में लगभग 40 प्रतिशत, हत्या के प्रयास के मामलों में 50 प्रतिशत और लूट के मामलों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अवैध हथियारों से संबंधित कोई जानकारी होने पर पुलिस को अवगत कराएं। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया थाना बनेगा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नौगांवा को साइबर अपराध का हॉटस्पॉट क्षेत्र मानते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया थाना भवन बनाने की योजना है। इसके लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। बजट स्वीकृत होने के बाद नए थाना भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
बैठक में रामगढ़ सीओ पिंटू कुमार, थानाधिकारी हरदयाल सिंह, ऋतुराज, राजू पटेल, गुलशन पटेल, चरणजीत सिंह, रवि कपूर, अमृत सिंह, मुरारी गुप्ता सहित अन्य सीएलजी सदस्य उपस्थित रहे।
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