More
    Homeधर्म-समाजक्या सावन में मकान की नींव रखनी चाहिए, परिवार के लिए शुभ...

    क्या सावन में मकान की नींव रखनी चाहिए, परिवार के लिए शुभ रहेगा या अशुभ?

    चातुर्मास में सावन का महीना भगवान शिव का प्रिय माह है. शिव भक्त अपना नया काम महादेव की कृपा पाकर शुरू करते हैं, ताकि वह सफल हो. उनके लिए उन्नति के मार्ग खुलें. वह काम उनके लिए शुभ हो. लेकिन जैसा कि कहा ​जाता है कि चातुर्मास में कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए, इन पर चार माह तक रोक होती है. जो लोग इस समय में नया मकान बनवाना चाहते हैं तो क्या वे सावन में नींव भी नहीं रख सकते हैं? उन्होंने सावन में ही मकान की नींव डालने की प्लानिंग कर रखी है. कानपुर की ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना से जानते हैं इस समस्या का सही समाधान क्या है?
    सावन में गृह निर्माण शुरू करना सही है?

    ज्योतिषाचार्या सक्सेना का कहना है कि सावन के माह में गृह निर्माण शुरू करना सही है. आपको मकान की नींव रखनी है तो आप रख सकते हैं, वह आपके लिए अशुभ नहीं होगा. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ और आषाढ़ माह में गृह निर्माण से बचना चाहिए, जबकि सावन माह में गृह निर्माण, मकान की नींव डालने, भवन निर्माण कार्य पूरा कराने और गृह प्रवेश करने में कोई दोष नहीं है.
    सावन का महीना देव तुल्य माना गया है, यह उत्तम मास है. देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक के चार माह चातुर्मास के हैं, जिसमें श्रावण मास भी आता है. इन चार माह में शुभता और विस्तार के कारक भगवान विष्णु क्षीर सागर में योग निंद्रा में विराजमान होते हैं. तब तक के लिए भगवान शिव पृथ्वी को गति देने के लिए धरती पर विराजमान होते हैं.

    सावन माह साक्षात् शिव स्परूप है. ऐस में सृष्टि के पालक भगवान विष्णु और संहारक भगवान शिव दोनों एक साथ सृष्टि की रक्षा के लिए विराजमान हों, तो ये जागृत स्वरूप किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए अनुकूल माना जाता है. आप जिस लक्ष्य को निर्धारित करके काम को पूरा करना चाहते हैं, वो सभी काम सावन माह में ​किए जा सकते हैं.

    इस समय में मांगलिक कार्य और 16 संस्कार जरूर वर्जित माने जाते हैं क्योंकि इस समय में अत्यधिक बारिश होती है, बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक रहता है, इस वजह से एक स्थान पर अधिक लोगों को एकत्र नहीं करते हैं या ऐसी स्थिति में मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है.
    शास्त्रों में भी सावन में गृह निर्माण करने की मनाही नहीं है. हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस समय में अत्यधिक वर्षा होती है, तो आप गृह निर्माण के लिए नींव बनाते हैं तो उसमें पानी भर जाने का डर रहता है. अत्यधिक पानी की वजह से नींव कमजोर न हो जाए, इस वजह से लोग कह देते हैं कि सावन में गृह निर्माण नहीं कराना चाहिए.
    भूमि पूजन के लिए शुभ मुहूर्त कैसे चुनें?
    वैदिक पंचांग के अनुसार, गृह निर्माण के लिए आपको भूमि पूजन कराना है तो इसके लिए द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी तिथियां शुभ होती हैं. पूर्णिमा तिथि पर भी भूमि पूजन करा सकते हैं. लेकिन प्रतिपदा, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या तिथि पर भूमि पूजन नहीं करना चाहिए.
    इन तिथियों के अलावा शुभ दिन का भी महत्व है. इसके लिए शुभ दिन सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार हैं. मंगलवार, शनिवार और रविवार को गृह निर्माण के लिए नींव डालने या भूमि पूजन से बचना चाहिए.

    इस काम के लिए रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, हस्त, चित्रा, स्वाति, रेवती और धनिष्ठा नक्षत्र उत्तम हैं.
    अब आपको शुभ दिन, तिथि और नक्षत्र के बारे में पता चल गया है, इन तीनों को देखकर आप भूमि पूजन के लिए शुभ मुहूर्त निकाल सकते हैं.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here