नई दिल्ली — लग्जरी कार बनाने वाली दुनिया की दिग्गज कंपनी बीएमडब्ल्यू ने बड़ा कदम उठाते हुए साल 2027 के अंत तक अपनी 8,000 नौकरियों में कटौती करने की योजना बनाई है। ऑटो सेक्टर में बढ़ते खर्चों और मुनाफे में आई भारी गिरावट के चलते कंपनी को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है।
क्यों उठानी पड़ रही है छंटनी की कैंची
कंपनी इन दिनों कई मोर्चों पर कड़ा संघर्ष कर रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री से मिलने वाले मुनाफे में कमी और अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े टैरिफ शामिल हैं। इसके अलावा, चीनी कार निर्माताओं से मिल रही जबरदस्त टक्कर के कारण जर्मन कार निर्माताओं को अपनी लागत घटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
किन कर्मचारियों पर गिरेगी छंटनी की गाज
कंपनी दुनियाभर में लगभग 1,54,000 लोगों को रोजगार देती है, लेकिन यह छंटनी मुख्य रूप से जर्मनी में डेस्क पर काम करने वाले कर्मचारियों पर होगी। अक्टूबर महीने से लगभग 85,000 स्थायी जर्मन कर्मचारियों में से करीब 40,000 को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया जाएगा, जबकि फैक्ट्रियों की प्रोडक्शन लाइन के मजदूर पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
चीन का बाजार बना कंपनियों के लिए मुसीबत
चीन में आर्थिक सुस्ती और वहां की स्थानीय कंपनियों से मिल रही भयंकर प्रतियोगिता की वजह से बीएमडब्ल्यू की स्थिति काफी प्रभावित हुई है। पिछले महीने ही कंपनी ने बताया था कि चीन में उनका कारोबार उम्मीद से काफी कमजोर चल रहा है और अप्रैल से जून की तिमाही में डिलीवरी में 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर मडराया संकट
इस बड़ी चुनौती का सामना सिर्फ बीएमडब्ल्यू अकेली नहीं कर रही है, बल्कि पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इस दौर से गुजर रही है। एक अन्य प्रमुख जर्मन कंपनी फॉक्सवैगन अपने 10 अलग-अलग ब्रांड्स में करीब एक लाख नौकरियों में कटौती पर विचार कर रही है, वहीं मर्सिडीज-बेंज ने भी ऐसा ही स्वैच्छिक छंटनी प्रोग्राम शुरू किया हुआ है।


