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    अपराध रोकने में अलवर पुलिस को युवाओं का साथ, यूथ सीएलजी से मिली अहम सूचनाएं

    सुरक्षित अलवर के लिए पुलिस और युवाओं की साझेदारी मजबूत, नशे से लेकर साइबर अपराध तक कार्रवाई में मिला सहयोग

    अलवर। अपराध पर लगाम कसने और जिले में पुलिस-जनसहयोग को मजबूत करने के लिए अलवर पुलिस अब युवाओं की ताकत और उनसे मिलने वाली सूचनाओं का प्रभावी उपयोग कर रही है। राजस्थान पुलिस के महानिदेशक एवं जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक की ओर से यूथ सीएलजी सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में नए सदस्यों का स्वागत करने के साथ पुलिस के साथ उनके सहयोग, जिम्मेदारियों और सामुदायिक पुलिसिंग में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई।

    अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जिले में यूथ सीएलजी अभियान से बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। हाल ही में जिले में 1,136 नए सदस्य तथा जिला स्तर पर 50 नए सदस्य जोड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि यूथ सीएलजी सदस्यों से मिलने वाली गोपनीय सूचनाएं अपराध की रोकथाम और पुलिस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    नशे के खिलाफ कार्रवाई में मिला बड़ा सहयोग

    पुलिस अधीक्षक के अनुसार युवाओं से प्राप्त सूचनाओं और प्रतिक्रिया के आधार पर नशे के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नशीले पदार्थों से संबंधित कार्रवाई तीन गुना से अधिक हुई है। पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर युवाओं का सहयोग मिलने से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंच रही है, जिससे कार्रवाई को प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है।

    नाबालिग को सुरक्षित तलाशने में भी निभाई भूमिका

    लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में हाल ही में एक नाबालिग बच्चे को सकुशल तलाशकर परिजनों तक पहुंचाने में भी यूथ सीएलजी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के साथ स्थानीय युवाओं के समन्वय से सूचना जुटाने और उसे समय पर पुलिस तक पहुंचाने में मदद मिली।

    सड़क सुरक्षा को लेकर भी जागरूक कर रहे युवा

    यूथ सीएलजी के सदस्य सड़क सुरक्षा को लेकर भी पुलिस के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। युवाओं द्वारा लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने तथा लापरवाही से वाहन चलाने से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य युवाओं को अपराध नियंत्रण के साथ सड़क सुरक्षा जैसे सामाजिक मुद्दों से भी जोड़ना है।

    महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर भी नजर

    महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी यूथ सीएलजी की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सीएलजी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय से महिला सुरक्षा को मजबूती मिली है। महिलाएं कालिका पेट्रोल इकाई और पुलिस की सहायता सेवाओं का अधिक उपयोग कर रही हैं।

    वहीं साइबर ठगी के मामलों में भी अलवर पुलिस की त्वरित कार्रवाई सामने आई है। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी की रकम को समय रहते रोकने के मामलों में अलवर का प्रदर्शन राज्य के औसत से बेहतर रहा है।

    300 से अधिक मामलों में बैंक खाते कराए गए फ्रीज

    पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि अलवर पुलिस की चार-सी शाखा के कांस्टेबलों ने 300 से अधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया। इससे साइबर ठगी की रकम को आगे साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोकने में मदद मिली।

    पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस और युवाओं की यह साझेदारी आगे भी इसी तरह जारी रही तो अलवर को सुरक्षित बनाने के साथ साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क हादसों में कमी लाने की दिशा में भी बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से युवाओं को पुलिस के साथ जोड़कर अपराध की रोकथाम में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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