More
    Homeराजस्थानखैरथलअमृत भारत से बदला खैरथल स्टेशन, बाहर कचरे के ढेर ने पूछ...

    अमृत भारत से बदला खैरथल स्टेशन, बाहर कचरे के ढेर ने पूछ लिया स्वच्छता का सवाल

    करोड़ों की लागत से आधुनिक हुआ रेलवे स्टेशन, दिव्यांग सुविधाओं से लेकर नए स्वरूप तक सब बेहतर; लेकिन बाहर पसरी गंदगी ने बिगाड़ी तस्वीर

    खैरथल। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत खैरथल रेलवे स्टेशन का स्वरूप आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। स्टेशन पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। दिव्यांगजनों के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ और अन्य सुगम्यता सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। स्टेशन का बदला हुआ स्वरूप निश्चित रूप से खैरथल के लिए विकास की तस्वीर पेश करता है, लेकिन स्टेशन के बाहर पसरी गंदगी इस तस्वीर पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

    स्टेशन के आसपास प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट के ढेर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब स्टेशन को आधुनिक और सुंदर बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो उसके आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

    आधुनिक सुविधाएं बढ़ीं, लेकिन गंदगी ने बिगाड़ी तस्वीर

    अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत खैरथल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए कई विकास कार्य किए गए हैं। स्टेशन का नया स्वरूप यात्रियों को पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप और टैक्टाइल पाथ जैसी सुविधाएं स्टेशन को अधिक सुगम बनाती हैं। लेकिन स्टेशन तक पहुंचने वाले रास्ते और आसपास दिखाई देने वाले कचरे के ढेर इन सुविधाओं की चमक को फीका कर रहे हैं।

    सुंदर इमारत के सामने कचरे के ढेर

    स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन के आसपास लंबे समय से कचरा जमा होने की समस्या बनी हुई है। जगह-जगह पड़े कचरे से दुर्गंध फैलने के साथ मच्छरों और संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।

    चिंता की बात यह भी है कि कचरे के ढेर के आसपास रेलवे कर्मचारियों के आवास भी स्थित हैं। ऐसे में कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ-साथ स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को भी गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है।

    आधुनिक स्टेशन की सुंदर इमारत और उसके बाहर पसरी गंदगी का यह विरोधाभास अब स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है।

    विकास के साथ स्वच्छता भी जरूरी

    खैरथल रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना निश्चित रूप से स्वागत योग्य पहल है, लेकिन किसी स्टेशन का विकास केवल नई इमारत, रंग-रोगन और यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए।

    स्टेशन परिसर और आसपास की नियमित सफाई, कचरा निस्तारण, व्यवस्थित पार्किंग, साफ रास्ते और बेहतर रखरखाव भी विकास का अहम हिस्सा हैं।

    यदि आधुनिक स्टेशन के बाहर ही कचरे के ढेर नजर आएं तो ‘सुंदर रेल और स्वच्छ रेल’ की परिकल्पना अधूरी दिखाई देती है। जरूरत है कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समस्या का स्थायी समाधान करें और स्टेशन के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें।

    ‘सिर्फ इमारत नहीं, पूरा वातावरण सुंदर होना चाहिए’

    पंडित छीतरमल लाटा वेलफेयर सोसाइटी, खैरथल के निदेशक डॉ. प्रभाकर शर्मा ने कहा कि एक सुंदर स्टेशन केवल उसकी इमारत से नहीं बनता। यात्रियों को स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित आवागमन, व्यवस्थित पार्किंग और दिव्यांगजनों के लिए सम्मानजनक एवं स्वतंत्र पहुंच मिलना भी जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के साथ स्टेशन की स्वच्छता और बेहतर रखरखाव पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

    अब जिम्मेदार विभागों से कार्रवाई की उम्मीद

    खैरथल रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ी है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि स्टेशन के बाहर पसरी गंदगी को हटाने के लिए जिम्मेदार विभाग कब प्रभावी कदम उठाते हैं।

    सवाल साफ है—जब खैरथल स्टेशन को आधुनिक बनाने की दिशा में इतना बड़ा कदम उठाया जा चुका है, तो क्या स्टेशन के बाहर की गंदगी हटाकर विकास की इस तस्वीर को पूरी तरह स्वच्छ और सुंदर बनाया जाएगा?

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here