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    अलवर के तुलेड़ा गांव में घोड़ा पछाड़ प्रजाति के 11 सांपों के बच्चों का सफल रेस्क्यू

    वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड रेस्क्यू सेंटर की त्वरित कार्रवाई, अलवर में बच्चों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया

     मिशनसच न्यूज, अलवर।
    वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड रेस्क्यू सेंटर की टीम ने शनिवार को अलवर जिले के तुलेड़ा गांव में एक बड़ा और सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन किया। टीम ने यहां खेत की मिट्टी से निकले घोड़ा पछाड़ (सैंड बोआ) प्रजाति के 11 सांपों के बच्चों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया और बाद में उन्हें जंगल में उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।

    टीम के अध्यक्ष विवेक जसाईवाल ने बताया कि तुलेड़ा के सरपंच बबल यादव और ग्रामीण अरुण कुमार ने टीम को सूचना दी कि वे अपने खेत में पाइपलाइन डालने का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान जब मजदूरों ने गड्ढा खोदा तो मिट्टी के अंदर से छोटे-छोटे सांप निकलने लगे। ग्रामीणों ने घबराकर तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचित किया।

    सूचना मिलते ही टीम के सदस्य रोमी शर्मा और कपिल सैनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक सभी 11 सांपों के बच्चों को मिट्टी से निकाला और सुरक्षित डिब्बों में रखकर संरक्षण में लिया। इसके बाद टीम ने उन्हें पास के जंगल क्षेत्र में सकुशल छोड़ दिया।

    रोमी शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान मिट्टी में सांपों के खाली अंडे भी मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ये बच्चे हाल ही में अंडों से निकले थे। उन्होंने बताया कि यह प्रजाति, जिसे सामान्य रूप से घोड़ा पछाड़ कहा जाता है, अविषैली (non-venomous) होती है और मनुष्यों के लिए बिल्कुल हानिरहित है। यह प्रजाति मुख्यतः जमीन के अंदर रहने वाली होती है और चूहों जैसी हानिकारक जीवों को खाकर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।

    टीम अध्यक्ष विवेक जसाईवाल ने बताया कि लोगों को इस तरह की घटनाओं में डरने की बजाय तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए ताकि वन्यजीवों की जान बचाई जा सके और पर्यावरणीय संरक्षण भी बना रहे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार के वन्य जीव को नुकसान न पहुँचाएं और रेस्क्यू टीम या वन विभाग को तुरंत सूचित करें।

    इस सफल रेस्क्यू अभियान में वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड रेस्क्यू सेंटर, अलवर की सक्रिय भूमिका रही, जिसने समय पर पहुंचकर 11 निर्दोष जीवों को नई जिंदगी दी। ग्रामीणों ने टीम की तत्परता और सेवाभाव की सराहना की।

    रेस्क्यू टीम सदस्य : विवेक जसाईवाल, रोमी शर्मा, कपिल सैनी
    स्थान : तुलेड़ा गांव, अलवर जिला
    प्रजाति : घोड़ा पछाड़ (सैंड बोआ) – अविषैली

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