विशेष योग्यजन बच्चों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मोहनलाल सोनी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विशेष योग्यजन बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा के अधिकार, समान अवसर के अधिकार तथा निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सशक्तिकरण का आधार है और प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महेश गोठवाल (चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसलिंग, अलवर) ने जन-उपयोगी सेवाओं, लोक अदालत, निःशुल्क विधिक सहायता एवं कानूनी परामर्श की प्रक्रिया के बारे में सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या आने पर वे किस प्रकार सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
समाज कल्याण विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए देशराज जी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विशेष योग्यजन विद्यार्थियों के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्रवृत्ति, सहायता उपकरण, परिवहन सुविधा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभ उठाने की प्रक्रिया भी समझाई।
एडवोकेट मोनालिसा शर्मा ने विशेष योग्यजन बच्चों के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में समानता और समावेशन सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। वहीं सुश्री सिमरन सोनी ने आदिवासी जनजाति के अधिकारों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया और संवैधानिक संरक्षण के बारे में जानकारी दी।
विद्यालय की प्राचार्य सुमन बिलखा ने सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर कनन, मुकेश चंद्र शर्मा, पूजा जांगिड़, चेष्टा जोलानिया, गायत्री शर्मा, रेनू यादव, बीना अरोड़ा, दीपा शर्मा, दीपा सैन सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन कंचन कौशिक द्वारा किया गया। शिविर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
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