अलवर नौगांवा क्षेत्र में जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, गोली लगने से रफीक खान की मौत। तीन महिलाओं सहित छह लोग घायल। पुलिस मौके पर तैनात।
मिशनसच न्यूज, अलवर-नौगांवा।
जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र स्थित रघुनाथगढ़ कॉलोनी में मंगलवार सुबह जमीन विवाद ने भयावह रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के दौरान गोली चलने से 30 वर्षीय रफीक खान की मौत हो गई। इस घटना में तीन महिलाओं सहित छह लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
सूत्रों के अनुसार विवाद सुब्बा की 8 बीघा जमीन से जुड़ा था। इसी जमीन में आरोपियों की लगभग दो बिस्सा जमीन को लेकर रास्ता देने का मतभेद चल रहा था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि रास्ता निकालने पर जमीन का पूरा नक्शा बिगड़ जाएगा, जबकि दूसरा पक्ष किसी भी सूरत में रास्ता चाहता था। यह विवाद पिछले कुछ समय से चल रहा था, लेकिन आज स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
लाठी-डंडों से लेकर गोली तक पहुंचा विवाद
मृतक के परिवारजन शहरुउन खान ने बताया कि आरोपी पक्ष —
सुपेदा, रोशन, फज्रू और सुलेमान
अपने कई अन्य लोगों (करीब 50–60) के साथ मौके पर पहुंचे और अचानक हमला कर दिया।
पहले लाठी-डंडों, फरसियों और बांकड़ों से मारपीट शुरू हुई।
इस बीच किसी ने गोली चला दी, जो रफीक खान के सिर में जा लगी।
रफीक को गंभीर स्थिति में पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताई और फिर जिला अस्पताल रेफर किया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रफीक ड्राइवरी करता था और चार बच्चों का पिता था। परिवार सदमे में है और न्याय की मांग कर रहा है।
दो घंटे तक चलता रहा हंगामा
परिजनों ने दावा किया कि संघर्ष सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ और 11 बजे तक चला।
इस दौरान कॉलोनी में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग घरों में कैद रहे।
घटना की जानकारी पर कोतवाली और NEB थाना पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंच गई है।
पुलिस की तैनाती, पोस्टमार्टम की तैयारी
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा मंगाई है
दोनों पक्षों के घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है
रफीक का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है
पुलिस का कहना है कि स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है और
“दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय लोगों में आक्रोश
नौगांवा क्षेत्र में अपराध व जमीन विवाद के बढ़ते मामलों पर
लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
परिवारजन का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस हस्तक्षेप करती
तो इस घटना को रोका जा सकता था।


