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    अलवर में बालिका गौरव सम्मान-2026, संघर्ष और सफलता की मिसाल बनीं तीन बेटियां

    भारत विकास परिषद् ने बालिका कोमल भारती, संजु और करीना सुकल की उपलब्धियों को सराहा, शिक्षा, खेल और आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहन देने का संकल्प

    अलवर, 13 अक्टूबर। भारत विकास परिषद् की अलवर शाखा, राजस्थान उत्तर-पूर्व प्रांत की ओर से बालिकाओं की प्रतिभा, संघर्ष, आत्मनिर्भरता और समाज के प्रति योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से बालिका गौरव सम्मान-2026 का आयोजन किया गया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ के संदेश के साथ आयोजित इस पहल में कोमल भारती, संजु और करीना सुकल की प्रेरणादायक जीवन यात्रा और उपलब्धियों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

    कार्यक्रम में डॉ. के.के. गुप्ता ने सभी का स्वागत करते हुए बालिकाओं को बधाई दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर परिषद् की ओर से यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य बेटियों की उपलब्धियों को पहचान दिलाने के साथ समाज में महिला सशक्तीकरण और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

    खेतों में हॉकी अभ्यास कर कोमल भारती ने बनाई पहचान

    कोमल भारती ने आर्थिक अभावों के बीच संघर्ष करते हुए हॉकी में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने खुदनपुरी के खेतों और ऊबड़-खाबड़ मैदानों में अभ्यास कर खेल की बारीकियां सीखीं। उनके पिता सोहन पाल मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

    कोमल ने 2024 में ग्वालियर में आयोजित पश्चिम क्षेत्र महिला चैंपियनशिप और पुणे की अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालय हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वहीं, गुवाहाटी में आयोजित खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेलों में रजत पदक हासिल किया। वे वरिष्ठ राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में भी भाग ले चुकी हैं और वर्तमान में हॉकी का प्रशिक्षण दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां विपरीत परिस्थितियों में मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

    पढ़ाई के साथ काम कर रही हैं संजु

    खानाबदोश समुदाय से आने वाली संजु बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। अपनी पढ़ाई का खर्च जुटाने के लिए वे एक निजी अस्पताल में काम करती हैं। इसके साथ ही झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाकर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।

    संजु का प्रयास स्वयं शिक्षा प्राप्त करने के साथ अपने समुदाय के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उनकी जीवन यात्रा आत्मनिर्भरता, परिश्रम और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देती है।

    करीना सुकल ने शिक्षा से जगाई जागरूकता

    सूपेरा बस्ती की निवासी करीना सुकल ने कठिन पारिवारिक परिस्थितियों और पढ़ाई में विरोध के बावजूद अपनी शिक्षा जारी रखी। वे अपनी बस्ती की पहली बालिका हैं, जिन्होंने दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की। अब वे अन्य बच्चों को भी पढ़ाकर शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं।

    करीना का प्रयास बताता है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के माध्यम से बदलाव की राह बनाई जा सकती है। उनकी पहल से बस्ती के अन्य बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरणा मिल रही है।

    परिषद् ने बेटियों को सहयोग का दिया भरोसा

    कार्यक्रम में पूर्व रीजन संरक्षक डॉ. के.के. गुप्ता, शाखा अध्यक्ष गिरीश गुप्ता, सचिव अशोक कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष लोकेश गोयल, शाखा संयोजक महिला सहभागिता शोभा अग्रवाल, जिला समन्वयक राधेश्याम, भारत विकास परिषद् अलवर चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव सुरेश मेठी, कोषाध्यक्ष दिलीप गोयल, उमाशंकर गुप्ता, हेमेन्द्र अग्रवाल और डॉ. संजय गर्ग सहित परिषद् के सदस्य उपस्थित रहे।

    अध्यक्ष गिरीश गुप्ता और शोभा अग्रवाल के नेतृत्व में बालिका प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा महिला सशक्तीकरण का संदेश आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। परिषद् का उद्देश्य बेटियों की उपलब्धियों को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना है।

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