क्यूआर कोड से संपदा विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचेगी
अलवर। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने मंगलवार को वीसी कक्ष में बैठक लेकर जिला प्रशासन की ओर से लागू किए जा रहे नवाचार “अलवर संपदा” की प्रगति की समीक्षा की। यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
अलवर संपदा के तहत क्यूआर कोड सिस्टम लागू
जिला प्रशासन की इस योजना के तहत 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाले सभी प्रगतिरत विकास कार्यों की संपूर्ण जानकारी अब क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
आमजन कार्यस्थल पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर कार्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
अलवर संपदा में मिलेगी पूरी जानकारी
क्यूआर कोड स्कैन करने पर आमजन को निम्न जानकारी उपलब्ध होगी—
कार्य का नाम, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की तिथि, कार्यादेश की तिथि, अनुमानित पूर्णता समय, संबंधित विभागीय अधिकारी, ठेकेदार का नाम, कार्यादेश राशि और कार्यकारी एजेंसी की जानकारी।
जिले में प्रथम चरण के तहत अलवर शहर और यूआईटी क्षेत्र में करीब 200 विकास कार्यों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
अलवर संपदा के लिए 15 दिन की समयसीमा तय
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी कार्यकारी एजेंसियां 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों की जानकारी सोमवार तक उपलब्ध कराएं।
साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर सभी कार्यस्थलों पर क्यूआर कोड पट्टिकाएं लगाई जाएं।
अलवर संपदा से बढ़ेगी पारदर्शिता
जिला कलक्टर ने कहा कि इस नवाचार का उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और आमजन को सीधे जानकारी उपलब्ध कराना है।
उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में यूआईटी सचिव स्नेहल नाना धाईगुडे, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता भूरी सिंह, सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र शर्मा सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


