More
    Homeराजस्थानअलवरअवैध हथियार फैक्ट्री मामले में फैसला, दोषियों को 7-7 साल की सजा

    अवैध हथियार फैक्ट्री मामले में फैसला, दोषियों को 7-7 साल की सजा

    पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपियों को अवैध हथियार प्रकरण में अदालत ने सुनाई 7-7 साल की सजा

    अलवर। जिले में लंबे समय से चल रहे अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट नंबर-1 के न्यायाधीश धीरज शर्मा ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार 28 अक्टूबर 2016 को नौगांव थाना के तत्कालीन एसएचओ शिवराम गुर्जर को सूचना मिली थी कि मूनपुर करमला के जंगलों में अवैध रूप से हथियार बनाए जा रहे हैं और उनकी सप्लाई भी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने देशी कट्टे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के कई उपकरण जब्त किए। इसके अलावा बड़ी मात्रा में तैयार अवैध हथियार भी बरामद हुए, जिनमें विभिन्न बोर की पिस्टल, बंदूकें और कट्टे शामिल थे।

    सरकारी वकील नवनीत तिवारी ने बताया कि मामले में प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपियों साहुन, शाकिर और हनफा को दोषी करार दिया।

    अदालत के इस फैसले को अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी है और ऐसे मामलों में कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here