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    अहिंसा स्थल अलवर में रचा जाएगा नया इतिहास भक्तामर मंदिर का भव्य शुभारंभ

    13 फरवरी 2026 को भक्तामर मंदिर एवं भक्तामर आरोग्य धाम का भव्य शुभारंभ

    मिशनसच न्यूज, अलवर। राजस्थान की धर्मनगरी अलवर स्थित अहिंसा स्थल में जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण आने वाला है। 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को अहिंसा स्थल अलवर में प्रथम बार श्री भक्तामर मंदिर एवं भक्तामर आरोग्य धाम का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन गणिनी आर्यिका रत्न श्री 105 आर्यिका आर्षमती माताजी के सान्निध्य में संपन्न होगा, जो समाधिस्थ पूज्याचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज की अंतिम दीक्षित शिष्या हैं ।

    भक्तामर स्तोत्र जैन धर्म का एक अत्यंत प्रभावशाली और चमत्कारी स्तोत्र माना जाता है। आचार्य मानतुंगाचार्य द्वारा रचित इस स्तोत्र में कुल 48 श्लोक हैं, जिनके श्रद्धा और भक्ति से पाठ करने से मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक कष्टों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। यही कारण है कि इसे ‘भक्तों को अमर करने वाला स्तोत्र’ भी कहा जाता है

    48 श्लोकों की अनुपम प्रस्तुति से सुसज्जित भक्तामर मंदिर

    अहिंसा स्थल में निर्मित भक्तामर मंदिर को विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप दिया गया है। मंदिर में भक्तामर स्तोत्र के सभी 48 श्लोकों को सुंदर कलात्मक शैली में प्रदर्शित किया गया है। प्रत्येक श्लोक को संस्कृत, हिंदी अर्थ, भावार्थ, जाप एवं मंत्र सहित दर्शाया गया है, जिससे श्रद्धालु न केवल दर्शन बल्कि गहन आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें

    भक्तामर स्तोत्र: कारागार से मुक्ति तक की प्रेरक गाथा

     आचार्य मानतुंगाचार्य ने भक्तामर स्तोत्र की रचना कारागार में रहते हुए की थी। राजा भोज और कवि कालिदास के आदेश पर उन्हें 48 कोठरियों में कैद किया गया था, लेकिन आचार्य मानतुंग ने प्रत्येक श्लोक की रचना करते हुए एक-एक कर सभी ताले खुलवा दिए और अंततः बंधनमुक्त हुए। यह कथा आज भी भक्तों के लिए अटूट श्रद्धा और विश्वास का स्रोत बनी हुई है । 

    भव्य शोभायात्रा एवं भक्तामर कलश यात्रा

    कार्यक्रम के अंतर्गत श्री आदिनाथ भगवान को स्वर्णिम पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके साथ ही 48 कलशों से भक्तामर जल-कलश यात्रा अहिंसा स्थल से अहिंसा सर्किल होते हुए पुनः अहिंसा स्थल पहुंचेगी। बैंड-बाजों के साथ निकलने वाली यह यात्रा श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगी । 

    धार्मिक, सांस्कृतिक एवं भक्ति कार्यक्रमों की श्रृंखला

    इस अवसर पर भक्ति संध्या, मंगल आशीर्वाद, संगीत कार्यक्रम तथा अनेक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में देश-प्रदेश से अनेक जैन संत, समाज के प्रमुख पदाधिकारी, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल होंगे ।  

    श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील

    आयोजकों ने अलवर एवं आसपास के सभी जैन धर्मावलंबियों, माताओं-बहनों और भाइयों से अपील की है कि वे अहिंसा स्थल पहुंचकर भक्तामर आरोग्य धाम में सुख, शांति और आरोग्यता का लाभ प्राप्त करें। भक्तामर मंदिर प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक एवं सायं 5 बजे से 7 बजे तक दर्शन हेतु खुला रहेगा ।

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