कोटकासिम अदालत में दो परिवाद पेश होने के बाद कार्रवाई, दोष सिद्ध होने पर सजा का प्रावधान
कोटकासिम। न्यायालय के आदेश के बावजूद प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज नहीं करने के मामले में कोटकासिम के तत्कालीन थानाधिकारी नंदलाल जांगिड के खिलाफ न्यायालय ने प्रसंज्ञान लिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट तमन्ना कौशिक ने मामले में कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।
दो परिवादियों ने पेश किए अलग-अलग परिवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी बलवंत और सुरेंद्र ने न्यायालय में अलग-अलग दो परिवाद पेश किए थे। इन परिवादों पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने तत्कालीन थानाधिकारी को अविलंब एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद संबंधित थानाधिकारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद इस मामले को लेकर न्यायालय में कार्रवाई हुई और तत्कालीन थानाधिकारी के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया गया।
अधिवक्ता पवन यादव ने की पैरवी
मामले में अधिवक्ता पवन यादव ने परिवादियों की ओर से पैरवी की। खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित कानूनी प्रावधान के तहत दोष सिद्ध होने पर छह माह से दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान बताया गया है।
न्यायालय द्वारा प्रसंज्ञान लिया जाना आरोपों के संबंध में कानूनी कार्यवाही का चरण है। मामले में अंतिम दोषसिद्धि के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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