अस्पताल विस्तार के लिए भूमि को लेकर सीताराम गुप्ता ने कलेक्टर को भेजा पत्र, स्कीम-10 में जमीन उपलब्ध कराने की मांग
भरतपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित आरबीएम चिकित्सालय, भरतपुर के विस्तार और भविष्य की चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए अस्पताल के लिए कुल 50 हजार वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने की मांग उठी है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं निदेशक सीताराम गुप्ता ने इस संबंध में जिला कलेक्टर, भरतपुर को पत्र भेजकर भरतपुर विकास प्राधिकरण की स्कीम-10 में आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
सीताराम गुप्ता ने कहा कि आरबीएम चिकित्सालय के विस्तार के लिए स्कीम-10 में पहले 25 हजार वर्गमीटर भूमि निःशुल्क आवंटित करने की कार्यवाही की गई थी। इसके बाद राजस्थान उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका में स्कीम-10 से 25 हजार वर्गमीटर भूमि तत्काल उपलब्ध कराने तथा शेष 25 हजार वर्गमीटर भूमि के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में अस्पताल के लिए कुल 50 हजार वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता सामने आती है।
25 हजार वर्गमीटर भूमि मिलने की जानकारी
गुप्ता के अनुसार उन्हें जानकारी मिली है कि स्कीम-10 में से आरबीएम चिकित्सालय के विस्तार के लिए फिलहाल केवल 25 हजार वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। उनका कहना है कि यदि शेष 25 हजार वर्गमीटर भूमि की व्यवस्था नहीं की जाती है तो इससे उच्च न्यायालय के निर्देशों की पूर्ण अनुपालना प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि न्यायालय के निर्देशों की भावना को ध्यान में रखते हुए अस्पताल के लिए आवश्यक पूरी भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाएं।
भविष्य की चिकित्सा सुविधाओं के लिए पर्याप्त भूमि जरूरी
सीताराम गुप्ता ने कहा कि आरबीएम चिकित्सालय के भविष्य के विस्तार के साथ सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं, चिकित्सकीय एवं अन्य स्टाफ के आवास तथा मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए पर्याप्त भूमि जरूरी है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सालय के आसपास अतिरिक्त सरकारी भूमि की उपलब्धता सीमित है। ऐसे में स्कीम-10 की भूमि को एकीकृत चिकित्सालय परिसर के रूप में सुरक्षित रखना जनहित में महत्वपूर्ण होगा।
नवीन भवन के बाद विस्तार की जरूरत
गुप्ता ने बताया कि आरबीएम चिकित्सालय के नवीन भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया जा चुका है। ऐसे में अस्पताल को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए अभी से पर्याप्त भूमि की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आरबीएम चिकित्सालय केवल भरतपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है। पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने से भविष्य में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा और मरीजों को बेहतर एवं उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्कीम-10 में कुल 50 हजार वर्गमीटर भूमि की मांग
सीताराम गुप्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों की भावना एवं अनुपालना को ध्यान में रखते हुए भरतपुर विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया जाए कि स्कीम-10 में कुल 50 हजार वर्गमीटर भूमि, जिसमें पूर्व प्रस्तावित 25 हजार वर्गमीटर भूमि भी शामिल है, आरबीएम चिकित्सालय के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराने की कार्यवाही तत्काल की जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के विस्तार के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराना भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं और आमजन के हित में महत्वपूर्ण कदम होगा।
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