जैन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा, विधान, लाडू अर्पण और 48 दीपों से भक्तामर जाप, दिनभर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
मिशनसच न्यूज कठूमर। कस्बे में जैन समाज द्वारा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव धार्मिक श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आदिनाथ जैन मंदिर एवं पार्श्वनाथ जैन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांतिधारा, विधान तथा दीप आराधना के आयोजन हुए। दिनभर मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
प्रातःकाल से ही दोनों मंदिरों में मोक्ष कल्याणक के पावन अवसर पर विशेष नित्य नियम पूजा संपन्न कराई गई। जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन एवं महिला अध्यक्ष इंद्रा जैन ने बताया कि जैन धर्म में मोक्ष कल्याणक का विशेष महत्व है। श्री आदिनाथ भगवान ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था, इसलिए इस पर्व को अत्यंत श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं देव-शास्त्र-गुरु की पूजा कर समाज की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की गई।
सुबह श्री आदिनाथ भगवान की प्रतिमा को पांडुकशिला पर विराजमान कर विधिवत अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न कराई गई। इसके पश्चात पुजारियों द्वारा आदिनाथ विधान का आयोजन किया गया। विधान के दौरान भगवान को सवा आठ-सवा आठ किलो के विशेष लाडू अर्पित किए गए तथा मोक्षफल चढ़ाए गए। पूरे विधान के समय श्रद्धालु भक्ति भाव से मंत्रोच्चारण करते हुए आराधना में लीन रहे।
संध्या काल में मोक्ष कल्याणक महोत्सव का विशेष आकर्षण 48 दीपों से श्री आदिनाथ भगवान की आरती एवं भक्तामर जाप रहा। श्रद्धालुओं ने 48 दीप प्रज्वलित कर सामूहिक रूप से भक्तामर स्तोत्र का जाप किया। इस दृश्य ने मंदिर परिसर को दिव्यता और आस्था के आलोक से भर दिया। श्रद्धालुओं ने इसे आत्मशुद्धि और मोक्ष मार्ग की प्रेरणा देने वाला आयोजन बताया।
इस अवसर पर ब्रह्मचारी अमोलक प्रसाद जैन, विजयपाल जैन, अशोक जैन, पारस जैन, नत्थीलाल जैन, महावीर प्रसाद जैन, जितेंद्र जैन, संजय जैन, शीतल जैन, शिप्रा जैन, पूनम जैन, जूली जैन, अंजू जैन, मालती जैन, रिंकी जैन, सुशीला जैन, विधी जैन, ममता जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सफल व्यवस्था हेतु समाज के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा, तप और आत्मशुद्धि का मार्ग दिखाता है। आदिनाथ भगवान का जीवन हमें त्याग और संयम की प्रेरणा देता है। मोक्ष कल्याणक जैसे आयोजनों से हमें अपने धर्म और संस्कारों को आत्मसात करने का अवसर मिलता है।
कुल मिलाकर कठूमर में आयोजित आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा, आस्था और परंपरा का अनुपम संगम रहा, जिसने पूरे क्षेत्र को धर्ममय वातावरण से सराबोर कर दिया।
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