किशनगढ़ बास में व्यापारियों और किसानों को उद्योग स्थापना के लिए किया गया जागरूक | मंडी समिति सभागार में आयोजित हुआ सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना पर शिविर
किशनगढ़ बास, अलवर।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत शुक्रवार को किशनगढ़ बास की कृषि उपज मंडी समिति सभागार में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में खैरथल मंडी समिति के सचिव राजेश कर्दम मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि आयोजन की देखरेख किशनगढ़ बास मंडी समिति की सचिव नेहा यादव द्वारा की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य किसानों एवं व्यापारियों को सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु प्रोत्साहित करना और उन्हें योजना के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता, प्रक्रियाएं और संभावित लाभों की जानकारी देना था।
योजना की प्रमुख बातें और लाभ
राजेश कर्दम ने बताया कि इस योजना के तहत जो भी व्यापारी या किसान सूक्ष्म खाद्य उद्योग की स्थापना करता है, उसे प्रोजेक्ट लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। इस योजना के तहत आचार, पापड़, सेवई, जैम, बिस्किट, नूडल्स, टोस्ट, सत्तू, मसाले, तेल मिल, ब्राइट फूड, आटा चक्की, लहसुन-अदरक पेस्ट, मिठाई, शहद, पास्ता जैसे उत्पादों से जुड़े उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देना है ताकि किसानों और छोटे व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और आय के अवसर मिल सकें।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी
पीएनबी बैंक के अधिकारी रजत वनजारी ने कार्यशाला में मौजूद लोगों को बताया कि इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करना है। उन्होंने विस्तृत प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, पोर्टल पर लॉगिन और आवेदन फॉर्म भरने की पूरी जानकारी दी।
स्थानीय व्यापारियों ने जताई उत्सुकता
इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और किसान उपस्थित रहे। व्यापारियों ने योजना को लेकर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त की और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की। सचिव नेहा यादव ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।
उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि और व्यापारी
शिविर में राजेश चंद्र कर्दम (सचिव, मंडी समिति, खैरथल), नेहा यादव (सचिव, मंडी समिति, किशनगढ़ बास), रजत वनजारी (पीएनबी बैंक अधिकारी), गिर्राज प्रसाद गुप्ता (व्यापारी), अभयसिंह यादव (उपाध्यक्ष व्यापार समिति), उमेशचंद जैन, विकास गोयल, मांगीलाल, जगदीश प्रसाद, प्रेमचंद गुप्ता, ओमप्रकाश गुप्ता सहित अनेक व्यापारी और कृषक वर्ग मौजूद रहे।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली योजना है। किशनगढ़ बास जैसी कृषि प्रधान जगहों पर इस प्रकार की कार्यशालाएं स्वरोजगार और स्थानीय उद्योगों को गति प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं।
मिशन सच से जुडने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को फॉलो करे https://chat.whatsapp.com/JnnehbNWlHl550TmqTcvGI?mode=r_c


