किसान महापंचायत प्रस्ताव में संदेश: आर्थिक हितों पर आधारित मतदान का आह्वान
जयपुर। किसान महापंचायत राजस्थान की प्रदेश कार्यकारिणी ने 5 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए लोकतंत्र में मतदान की शक्ति को सर्वोच्च बताया। प्रस्ताव में कहा गया कि देश की समृद्धि के लिए मतदाता का जागरूक और विवेकपूर्ण निर्णय बेहद जरूरी है।
मतदान पर जोर: जागरूक मतदाता से ही पूरी होंगी अपेक्षाएं
प्रस्ताव में कहा गया कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का एकमात्र माध्यम मतदान है, इसलिए सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। लेकिन जब मतदाता जाति, संप्रदाय या व्यक्तिगत स्वार्थ के आधार पर मतदान करता है, तो उसकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो पातीं।
किसान महापंचायत ने मतदाताओं से अपील की कि वे समान आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए मतदान करें, जिससे जनकल्याणकारी परिणाम सामने आ सकें।
राजनीति पर टिप्पणी: निंदा आधारित राजनीति पर सवाल
कार्यकारिणी ने कहा कि राजनीतिक दल मतदाताओं को शिक्षित करने के बजाय निंदा आधारित राजनीति का सहारा लेते हैं, जिससे मतदाता भ्रमित होता है। इससे सत्ता परिवर्तन तो होता है, लेकिन सार्थक बदलाव नहीं आ पाता।
किसानों की स्थिति: MSP के बावजूद नहीं मिला लाभ
प्रस्ताव में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इसमें कहा गया कि 1965 से लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था के बावजूद आज तक किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
सरकारी नीतियों के चलते कृषि क्षेत्र बाजार और कंपनियों के प्रभाव में आ गया है, जिससे कंपनियां लाभ कमा रही हैं, जबकि किसान आर्थिक संकट में फंसता जा रहा है।
बढ़ता संकट: कर्ज और आपदा से जूझ रहा किसान
किसान महापंचायत ने बताया कि देश का किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। कई बार उसे अपनी फसल लागत मूल्य से भी कम दाम पर बेचनी पड़ती है।
प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान की भरपाई भी समय पर नहीं हो पाती, जबकि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी योजनाएं मौजूद हैं।
मूल मंत्र और संकल्प: ‘खेत को पानी, फसल को दाम’
किसान महापंचायत ने स्पष्ट किया कि देश की समृद्धि किसानों की समृद्धि से जुड़ी है। संगठन ने “खेत को पानी, फसल को दाम, युवाओं को काम” को मूल मंत्र बताते हुए व्यवस्था परिवर्तन के लिए वैचारिक आंदोलन चलाने की जरूरत बताई।
अभियान की घोषणा: आर्थिक आधार पर मतदान का आह्वान
प्रदेश कार्यकारिणी ने ‘बीती रात हो गई भोर- चलो किसानों राज की ओर’ और ‘वे जाति धर्म से तोड़ेंगे- हम मूंग चने से जोड़ेंगे’ जैसे नारों के साथ अभियान चलाने का संकल्प लिया।
इस अभियान के तहत किसानों और आम मतदाताओं को आर्थिक हितों के आधार पर मतदान के लिए जागरूक किया जाएगा।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


