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    कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व परियोजना की प्रक्रिया जारी, पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

    कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व बनने के बाद बढ़ेगा पर्यटन, दो नए सफारी मार्ग भी प्रस्तावित: वन राज्य मंत्री संजय शर्मा

    जयपुर। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा अगस्त 2023 में कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व परियोजना को मंजूरी दिए जाने के बाद राज्य सरकार द्वारा इससे संबंधित आगे की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद यहां पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

    वन राज्य मंत्री ने बताया कि कुंभलगढ़ एवं टॉडगढ़-रावली अभयारण्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो नए सफारी मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें कालीघाट से भीलभेरी तथा फुलास से गोरम घाट मार्ग शामिल हैं। वर्तमान में कुंभलगढ़ अभयारण्य में बीड़ की भागल से आरेट का फाटक और रणकपुर से मुछाला महावीर-घाणेराव तक दो सफारी मार्ग संचालित हैं। इसी प्रकार टॉडगढ़-रावली अभयारण्य में प्लेनी से मोडिया रावली और गोमथड़ा से गोरम घाट तक दो सफारी मार्ग मौजूद हैं।

    उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य द्वारा पैंथर सफारी के लिए नया मार्ग सुझाया जाता है तो परीक्षण के बाद भविष्य में वहां सफारी गेट खोलने का प्रयास किया जाएगा।

    प्रश्नकाल के दौरान सदस्य हरी सिंह रावत द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों के जवाब में मंत्री ने बताया कि कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के गठन के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तकनीकी समिति की बैठक 4 अगस्त 2023 को आयोजित की गई थी। इसके अनुमोदन के बाद 24 अगस्त 2023 को कुंभलगढ़ बाघ परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति जारी की गई।

    उन्होंने बताया कि क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट एवं बफर क्षेत्र के चिह्निकरण के लिए 24 जुलाई 2024 को 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने 24 अक्टूबर 2024 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर 23 जून 2025 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य वन्यजीव मण्डल की बैठक में चर्चा की गई।

    वन राज्य मंत्री ने कहा कि 11 अक्टूबर 2025 को विशेषज्ञ समिति के अनुमोदन के बाद कुंभलगढ़ बाघ परियोजना के कोर क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र सरकार एवं एनटीसीए से प्राप्त आपत्तियों की पूर्ति करते हुए 24 फरवरी 2026 को पुनः जवाब एनटीसीए को भेज दिया गया है।

    उन्होंने बताया कि एनटीसीए द्वारा प्रस्तावित टाइगर रिजर्व की चौड़ाई बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इसके लिए राजसमंद, पाली और ब्यावर जिलों में भूमि चिह्नित कर ली गई है। वन विभाग द्वारा इन भूमि को वन विभाग के नाम स्थानांतरित करने के लिए राजस्व विभाग को पत्र लिखा गया है।

    इससे पहले विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में वन राज्य मंत्री ने बताया कि कुंभलगढ़ एवं टॉडगढ़-रावली अभयारण्यों को सम्मिलित करते हुए कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व घोषित करने संबंधी सैद्धांतिक स्वीकृति 24 अगस्त 2023 को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा चुकी है।

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