नवाचार— कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर ने तैयार की ‘हिना हार्वेस्टर मशीन’
मिशनसच न्यूज, जोधपुर। नवाचार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर ने मारवाड़ क्षेत्र के किसानों को महत्वपूर्ण सौगात दी है। लंबे समय से मेहंदी उत्पादक किसानों के सामने मौसमी बदलाव, श्रमिकों की कमी और बढ़ती मजदूरी दर बड़ी समस्या बन रही थी। इन चुनौतियों के समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने तकनीकी नवाचार करते हुए ‘हिना हार्वेस्टर मशीन’ विकसित की है। मंगलवार को विश्वविद्यालय के किसान कौशल विकास केंद्र एवं इंडिया एक्सिम बैंक के सहयोग से इस मशीन को कुलगुरु प्रो. डॉ. वी.एस. जैतावत द्वारा सोजत मेहंदी किसान समिति को औपचारिक रूप से सुपुर्द किया गया।
मेहंदी उत्पादकों की बड़ी समस्या अब होगी दूर
कुलगुरु प्रो. जैतावत ने कहा कि मेहंदी हार्वेस्टिंग मशीन का निर्माण किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। सोजत की मेहंदी विश्व भर में प्रसिद्ध है, ऐसे में यहां के किसानों की समस्याओं का समाधान करना विश्वविद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि मौसमी बदलाव के कारण तय समय में मेहंदी की कटाई अनिवार्य है, लेकिन श्रमिकों की कमी, महंगी मजदूरी और समय पर कटाई न होने से पत्तियों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता था। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित यह मशीन किसानों को आर्थिक राहत और समय की बचत दोनों देगी।
एक दिन में 10–12 बीघा कटाई की क्षमता
किसान कौशल विकास केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने बताया कि सोजत देश का सबसे बड़ा मेहंदी उत्पादन क्षेत्र है, जहां 90–95 प्रतिशत उत्पादन होता है। मेहंदी फसल तैयार होने के बाद 10–12 दिनों में कटाई जरूरी होती है, जबकि इस अवधि में एक दिन की मजदूरी 1200 से 2500 रुपये तक रहती है, जो किसानों के लिए बड़ी समस्या है।
नई हिना हार्वेस्टर मशीन की क्षमता एक दिन में 10–12 बीघा कटाई करने की है। इससे कटाई की लागत घटकर 800–1000 रुपये प्रति बीघा रह जाती है, जबकि परंपरागत श्रमिकों से कटाई पर लगभग 4000 रुपये प्रति बीघा खर्च आता है। मशीन से कटाई न केवल तेज होती है, बल्कि मेहंदी पत्तियों की क्वालिटी भी समान व उत्कृष्ट बनी रहती है।
समारोह में रही प्रभावी मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान शशांक टाक, सचिव, सोजत मेहंदी किसान समिति; सत्यनारायण सांखला, अध्यक्ष, मेहंदी व्यापार संघ; मोहनलाल टाक, अध्यक्ष, मेहंदी दलाल संघ; विकास गहलोत, सचिव, महात्मा ज्योतिबा फूले कृषि उपज मंडी; मसिंगा राम, उपखंड अधिकारी, सोजत; भंवर सिंह जैतावत, पूर्व सचिव, कृषि उपज मंडी; तथा श्याम सुंदर टाक, इंडिया एक्सिम बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समारोह में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह चंदावत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा डॉ. प्रियंका स्वामी, नोडल अधिकारी, किसान कौशल विकास केंद्र ने मंच संचालन किया।
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