मालाखेड़ा के सताना गांव में छिड़काव के दौरान बिगड़ी किसान की तबीयत, दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मालाखेड़ा। जिले के सताना गांव में कीटनाशक दवा का छिड़काव करते समय एक किसान की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
जानकारी के अनुसार सताना गांव निवासी 34 वर्षीय जयसिंह बैरवा पुत्र गिरधारीलाल बैरवा अपने खेत में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान जहरीले रसायन के प्रभाव से उनका दम घुटने लगा और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत मालाखेड़ा से अलवर के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान देर रात करीब दो बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जयसिंह बैरवा खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और एक छोटा भाई हैं। परिजनों के अनुसार खेती ही उनकी आय का मुख्य स्रोत थी और उसी के सहारे पूरे परिवार का गुजारा चलता था।
मृतक के जीजा ने बताया कि जयसिंह खेत में नियमित रूप से काम करते थे। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
गौरतलब है कि खेतों में कीटनाशक दवाओं के असुरक्षित उपयोग के कारण किसानों के स्वास्थ्य पर लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों की ओर से दवा का छिड़काव करते समय मास्क, दस्ताने और अन्य सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती रही है। राजस्थान में भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।
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