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    खैरथल-तिजारा निकाय चुनाव पर कांग्रेस का आरोप, पुलिस-प्रशासन के इस्तेमाल से बोर्ड बदलने का दावा

    चुनावी परिणाम को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल, जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने का किया आह्वान

    खैरथल। खैरथल-तिजारा जिले के निकाय चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन के कथित हस्तक्षेप के कारण बोर्ड गठन का गणित प्रभावित हुआ।

    खैरथल नगर परिषद के 45 वार्डों के परिणामों में कांग्रेस को 20, निर्दलीय उम्मीदवारों को 17 और भाजपा को 8 वार्डों में जीत मिली थी। बाद में सभापति पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश रोधा और भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी को 22-22 मत मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत पर्ची से फैसला हुआ, जिसमें विक्रम चौधरी का नाम निकला और उन्हें सभापति घोषित किया गया।

    जितेंद्र सिंह ने प्रशासनिक भूमिका पर उठाए सवाल

    कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने राजस्थान में भैरोंसिंह शेखावत, वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत सहित विभिन्न सरकारों के कार्यकाल देखे हैं और स्वयं भी विधायक रहे हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार चुनाव के दौरान जिस तरह से प्रशासन और पुलिस के इस्तेमाल का माहौल बना, वह राजस्थान की परंपरा और राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष के रूप में कांग्रेस को मजबूती से अपनी बात रखनी होगी।

    जितेंद्र सिंह ने चुनाव परिणाम को लेकर कानूनी लड़ाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मामले में जल्द कानूनी कार्रवाई करने की बात कही और कहा कि न्यायालय में इस मामले को चुनौती देने का विकल्प पार्टी के पास मौजूद है।

    टीकाराम जूली ने पुलिस-प्रशासन पर लगाए आरोप

    नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया और कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर पुलिस के माध्यम से दबाव बनाया गया। उन्होंने एक पार्षद के कथित रूप से गायब किए जाने और अपहरण के आरोपों का भी उल्लेख किया।

    जूली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुकाबला केवल भाजपा से नहीं था, बल्कि पुलिस और प्रशासन से भी था। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है। वहीं तिजारा के घटनाक्रम से जुड़ी प्रकाशित रिपोर्टों में कांग्रेस की ओर से पार्षदों को रोके जाने के आरोप सामने आए थे, जबकि हरियाणा पुलिस की ओर से पुलिस की संलिप्तता से इनकार किए जाने की बात भी रिपोर्ट की गई थी।

    प्राथमिकी और जांच को लेकर भी सवाल

    टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा की ओर से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अपहरण सहित विभिन्न आरोप लगाए गए और प्राथमिकी दर्ज कराई गईं। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय पूरे घटनाक्रम की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

    तिजारा चुनाव का भी किया उल्लेख

    जूली ने तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस समर्थित पार्षदों को मतदान के लिए पहुंचने में कथित तौर पर बाधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग और अन्य संबंधित लोगों से संपर्क किया।

    उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार तिजारा नगर परिषद के 35 वार्डों में 31 निर्दलीय, 3 भाजपा और 1 कांग्रेस उम्मीदवार विजयी हुए थे। सभापति चुनाव में कांग्रेस के रामावतार सैनी को 18 और भाजपा के सुभाष सैनी को 16 मत मिले तथा कांग्रेस ने सभापति पद हासिल किया।

    लॉटरी प्रक्रिया पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल

    कांग्रेस नेताओं ने खैरथल सभापति चुनाव में पर्ची से हुए फैसले पर भी सवाल उठाए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दोनों प्रत्याशियों को 22-22 मत मिलने के बाद बराबरी की स्थिति में नियमों के अनुसार पर्ची निकाली गई थी और उसमें भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी का नाम आया था।

    कांग्रेस नेताओं ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर अपने सवाल कार्यकर्ताओं के सामने रखे और चुनावी घटनाक्रम के खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाने की बात कही।

    बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद

    कार्यक्रम में विधायक दीपचंद खेरिया, ललित यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत, सुमित रो, कांग्रेस प्रत्याशी रहे ओमप्रकाश रोधा, अजित यादव, पुष्पेंद्र धाबाई, विनोद कुमारी, रोहिताश चौधरी, गिरीश डाटा, विश्राम गुर्जर, देव कसाना, शिवचरण, संदीप, सर्वेश, तेजाराम सैनी, नरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत रखने और चुनाव परिणाम से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखने का आह्वान किया।

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