कांग्रेस पार्टी ने अंबेडकर सर्किल पर धरना-प्रदर्शन किया
मिशनसच न्यूज, खैरथल ! भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलने और उसके लाभों में कटौती किए जाने के विरोध में रविवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से खैरथल जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। यह धरना जिला अध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में अंबेडकर सर्किल पर आयोजित हुआ, जिसमें कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आए मजदूर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनरेगा योजना को कमजोर करने के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि मनरेगा योजना देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित हुई है। इस योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों को रोजगार मिला, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और पलायन पर रोक लगी। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर और इसके लाभों में कटौती कर मजदूर वर्ग के साथ अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह नीति गरीब विरोधी है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक संकट और बेरोजगारी बढ़ेगी।
बलराम यादव ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इस योजना में बदलाव कर भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी के नाम और उनकी विचारधारा पर भी आघात किया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर रोजगार, उचित मजदूरी और पारदर्शी भुगतान मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है, जिसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मनरेगा योजना का नाम और उसके सभी लाभ पूर्व की भांति बहाल नहीं किए जाते, तब तक कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस गांव-गांव, ढाणी-ढाणी और शहर-शहर जाकर गरीब, किसान और मजदूर वर्ग को जागरूक करेगी और भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में मनरेगा जैसी योजना को मजबूत करने की जरूरत है, लेकिन सरकार इसे कमजोर कर रही है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।
धरने में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जय हेडाऊ, कोटकासिम पंचायत समिति के पूर्व प्रधान किशोरी लाल यादव, पूर्व उप प्रधान विजेंद्र चौहान, हर्षवर्धन खैरियां, दौलत नागर, जिला महासचिव खुर्शीद खान, रामावतार चौधरी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष इस्माइल खान, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र निर्मोही, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव विक्रम यादव, राजपूत समाज के जिला अध्यक्ष महिपाल चौहान, जिला सचिव फतेह मोहम्मद, यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव रामनिवास प्रजापत, निक्की प्रजापत, मंसबा खान, जिला सचिव सुंदर गुर्जर, भरत चौधरी, त्रिभुवन शर्मा, संजय गुर्जर, भूप सिंह मेघवाल, रघु यादव, शकील खान, रामकुमार गुर्जर, पार्षद अभिषेक हेडाऊ, मुकेश सैनी, पार्षद अर्जुन ठाकुर, बक्सनंद भारती, अनिल रोहिल्ला, समुद्र लंबरदार, मनीष गुर्जर, संदीप जाटव, कपिल शर्मा, गुलाब शर्मा, रवि सेन, लाल सिंह पहलवान, शौकीन खान, लीलू यादव एवं विनोद राजपूत सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने “मनरेगा के साथ खिलवाड़ नहीं चलेगा”, “गरीब विरोधी सरकार मुर्दाबाद” और “मजदूरों के हक की लड़ाई जारी रहेगी” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान अंबेडकर सर्किल क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने मनरेगा योजना को लेकर अपने फैसले वापस नहीं लिए, तो आने वाले दिनों में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बड़े आंदोलन किए जाएंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि मनरेगा के अंतर्गत रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाई जाए, मजदूरी दर में वृद्धि की जाए और भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।
धरने के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि मजदूरों और गरीबों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक न्याय की लड़ाई है, जिसे मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
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