More
    Homeराजस्थानजयपुरगायत्री नगर जयपुर में आचार्य शशांक सागर जी महाराज का भव्य मंगल...

    गायत्री नगर जयपुर में आचार्य शशांक सागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश

    जयपुर के गायत्री नगर दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य शशांक सागर जी महाराज ससंघ का श्रद्धालुओं ने आरती, पाद प्रक्षालन एवं शांतिधारा के साथ भव्य स्वागत किया

    जयपुर। श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म, गायत्री नगर जयपुर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुधवार प्रातः एक भव्य धार्मिक आयोजन के बीच वात्सल्य मूर्ति, कवि हृदय आचार्य श्री शशांक सागर जी महाराज ससंघ का गायत्री नगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आचार्य श्री का स्वागत किया और धार्मिक वातावरण को और अधिक दिव्य बना दिया।

    जानकारी के अनुसार प्रातः 6:30 बजे आचार्य श्री शशांक सागर जी महाराज ससंघ ने एस.एफ.एस. जैन मंदिर से विहार प्रारंभ किया। बैण्ड-बाजों और जयघोष के बीच निकली शोभायात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों से होकर गायत्री नगर जैन मंदिर पहुंची। विहार के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने-अपने आवासों के सामने आचार्य श्री की आरती उतारी तथा पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त मंत्री एवं मुनि व्यवस्था समिति के संयोजक संजय ठोलिया ने बताया कि आचार्य श्री के मंदिर पहुंचने पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री राजेश वोहरा, कोषाध्यक्ष राकेश छावड़ा, उपाध्यक्ष विजय सोगानी, संतोष गंगवाल, राकेश पाटोदी, पदम झांझरी, बसंत बाकलीवाल सहित अनेक समाजसेवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

    महिला मंडल एवं मुनि वैय्यावृति महिला समूह की महिलाओं ने मंगल कलश लेकर शोभायात्रा की अगुवाई की। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में पहुंचने पर आरती एवं पाद प्रक्षालन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसके बाद धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

    विश्व शांति एवं मानव कल्याण की भावना के साथ शांतिधारा का आयोजन भी किया गया। यह शांतिधारा प्रमुख पात्र अशोक विधानसभा वाले परिवार तथा अनिल गदिया बयाना वाले परिवार द्वारा कराई गई। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अभिषेक एवं शांतिधारा में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया।

    अपने मंगल उद्बोधन में आचार्य श्री शशांक सागर जी महाराज ने श्रावक और संतों के पारस्परिक संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब श्रावक और संत एकजुट होकर धर्म साधना में संलग्न होते हैं, तब मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होने की ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में साधु-संतों का निरंतर आवागमन बना रहना चाहिए, क्योंकि उनके सान्निध्य से धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।

    आचार्य श्री ने श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि साधु-संतों का संरक्षण, आहार एवं विहार की व्यवस्था करना श्रावकों का महत्वपूर्ण दायित्व है। धर्म की उन्नति तभी संभव है जब समाज संतों के प्रति समर्पण और सेवा की भावना बनाए रखे।

    युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि आचार्य श्री की आहार चर्चा का सौभाग्य आलोक एवं प्रमिला शाह परिवार को प्राप्त हुआ, जबकि मुनि श्री की आहार चर्या सुनील एवं लता सोगानी परिवार के यहां निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हुई। इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

    धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार 11 जून को प्रातः 7:30 बजे से गायत्री नगर जैन मंदिर में आचार्य श्री के मंगल प्रवचन आयोजित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here