माता भगवती देवी जन्म शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित गायत्री कार्यक्रम में पुंसवन संस्कार भी हुआ संपन्न
कठूमर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन एवं गायत्री परिवार अलवर के सानिध्य में माता भगवती देवी जन्म शताब्दी समारोह वर्ष के अंतर्गत संचालित ‘ग्रामे-ग्रामे यज्ञ अभियान’ के तहत कठूमर तहसील के खेरली तर्फ रेला गांव में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का रविवार को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ समापन हुआ।
कार्यक्रम के अंतर्गत 6 जून की रात्रि 8 बजे दीपयज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने दीप प्रज्ज्वलित कर आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया। इसके पश्चात 7 जून को प्रातः 9 बजे गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में 5 कुंडी गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।
महायज्ञ में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां समर्पित कीं तथा विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की कामना की। यज्ञ के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
संस्कार के साथ हुआ पुंसवन संस्कार का आयोजन
गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने बताया कि ग्रामे-ग्रामे यज्ञ अभियान के अंतर्गत यह चौथा कार्यक्रम था। महायज्ञ के दौरान वैदिक परंपरा के अनुसार पुंसवन संस्कार भी विधि-विधान से संपन्न कराया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों की महत्ता से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का संचालन मोहनलाल शर्मा, चौधरी चरणसिंह अलवर एवं नरेश कुमार बीजला की टोली द्वारा किया गया। वहीं यज्ञ में उपाचार्य की भूमिका सियाराम गुर्जर और प्रहलाद भगत ने निभाई।
घर-घर यज्ञ और वैदिक संस्कृति के प्रचार का उद्देश्य
गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य घर-घर यज्ञ की परंपरा को बढ़ावा देना, पर्यावरण शुद्धि के प्रति जागरूकता फैलाना तथा वैदिक संस्कृति एवं संस्कारों का प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के प्रति सहयोग एवं सहभागिता का संकल्प लिया।
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