अलवर में गुरु पूर्णिमा महापर्व पर श्रद्धा का संगम, हजारों श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की
अलवर। गुरु पूर्णिमा महापर्व के अवसर पर बुधवार को अलवर स्थित गायत्री शक्तिपीठ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे शक्तिपीठ परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ और गुरु वंदना से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल गुरुचरणों, प्रखर प्रज्ञा एवं सजल श्रद्धा के पंचद्रव्य स्नान तथा विधिवत पूजन से हुई। इसके पश्चात गायत्री परिवार के परिव्राजक के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर गुरु दीक्षा संस्कार के साथ जन्मदिवस, विवाहदिवस, विद्यारंभ, मुण्डन सहित विभिन्न वैदिक संस्कार भी विधि-विधान से संपन्न कराए गए। श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर अपने जीवन में सदाचार, सेवा, संयम और संस्कारों को अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। पूरे शक्तिपीठ परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। गुरु का सान्निध्य व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, संस्कार और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी से गुरुओं के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
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