अलवर के दो विद्यालयों में गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन कार्यक्रम, सम्मान के साथ दिलाई नशामुक्ति की शपथ
अलवर। भारत विकास परिषद्, अलवर शाखा की ओर से बुधवार को “गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन” संस्कारपरक कार्यक्रम का आयोजन ओसवाल पब्लिक स्कूल एवं राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, नयाबास में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति के अनुरूप गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना, मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना तथा छात्रों में नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत विकास परिषद्, अलवर शाखा के अध्यक्ष गिरीश गुप्ता एवं अन्य पदाधिकारियों ने मां सरस्वती के चित्र पर कुमकुम तिलक एवं पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर परिषद् के सचिव अशोक कुमार गुप्ता एवं सदस्य रूपेश गुप्ता भी उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का मोतियों की माला पहनाकर स्वागत किया गया।
भारतीय संस्कृति और संस्कारों का दिया संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुई। ओसवाल पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर विनोद शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में भारत विकास परिषद् द्वारा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
भारत विकास परिषद् के पदाधिकारियों ने गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सम्मानित किया।
ओसवाल पब्लिक स्कूल में 12 प्रतिभाओं का सम्मान
ओसवाल पब्लिक स्कूल में पांच मेधावी विद्यार्थियों को पदक एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। सम्मानित विद्यार्थियों में 10वीं कक्षा के मौलिक, दीक्षिका पंचोली, महक नरुका, कशिश शर्मा तथा 8वीं कक्षा की याशिका सोनी शामिल रहीं।
विद्यालय के सात शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को भी प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें विनोद शर्मा, मोना दुबे, मोनिका शर्मा, रेखा मिश्रा, रंजना सक्सेना, मधु शर्मा एवं राहुल तिवारी शामिल रहे।
नयाबास विद्यालय की छात्राओं व शिक्षकों का भी हुआ अभिनंदन
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, नयाबास में पांच छात्राओं को सम्मानित किया गया। इनमें निधि कोली (कक्षा 10), टीना (कक्षा 11), निहारिका सैनी (कक्षा 11), प्रियंका प्रजापत (कक्षा 12) एवं गुंजन सैनी (कक्षा 12) शामिल रहीं।
विद्यालय के शिक्षकों लोकेश शर्मा, विमला सैनी एवं बबिता गुप्ता को भी उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
गुरु का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष गिरीश गुप्ता ने परिषद् की स्थापना, उद्देश्यों एवं समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुरु का सम्मान और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का अभिनंदन भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा है, जो समाज में शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
नशामुक्ति की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के समापन पर परिषद् के सचिव अशोक कुमार गुप्ता ने दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। परिषद् सदस्य रूपेश गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रभारी अधिकारियों ने भारत विकास परिषद् द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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