More
    Homeराजस्थानअलवरजनसुनवाई में 75 शिकायतें सुनी, त्वरित निस्तारण के निर्देश

    जनसुनवाई में 75 शिकायतें सुनी, त्वरित निस्तारण के निर्देश

    जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने खैरथल-तिजारा में जनसुनवाई कर 75 परिवादों को सुना और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। शिकायतकर्ताओं को राहत के निर्देश।

     

    मनीष मिश्रा, खैरथल-तिजारा, 18 जुलाई।
    राजस्थान सरकार की जनभागीदारी और प्रशासनिक पारदर्शिता की पहल को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को जिला सचिवालय खैरथल-तिजारा के वीसी सभागार में जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने की। इस जनसुनवाई में कुल 75 परिवाद दर्ज हुए, जिन्हें सुनते हुए कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।

    इस जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की प्रशासन तक सीधी पहुँच सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान करना था। कार्यक्रम में खैरथल-तिजारा के विभिन्न गांवों और कस्बों से लोग पहुंचे और अपनी समस्याओं को सीधे जिला कलेक्टर के समक्ष रखा।

    प्रमुख समस्याएं और परिवाद

    जनसुनवाई में आए परिवादों में नकल प्रमाण पत्र दिलवाने, भूमि सीमांकन, पत्थरगढी विवाद, सहायता राशि स्वीकृति, रास्ता खुलवाने, सार्वजनिक नाले की चौड़ाई और उस पर अवैध रैंप हटवाने, बिजली के खंभे को स्थानांतरित करने, मुआवजा दिलवाने, जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्य, प्रधानमंत्री किसान निधि की लंबित किस्त, वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृति, सड़क मरम्मत, स्वच्छता, गंदे पानी की निकासी जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।

    कलेक्टर किशोर कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर समस्या को प्राथमिकता से देखें और परिवादी को समय पर समाधान उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का निपटारा “गुणवत्तापूर्वक और पारदर्शी तरीके से” किया जाए।

    प्रशासन की सख्त चेतावनी – शिकायतें लंबित न रखें

    कलेक्टर ने जनसुनवाई में स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारी शिकायतों को लेकर बैठ न जाएं, उन्हें तुरंत संज्ञान लें और समाधान करें।”

    उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान सम्पर्क पोर्टल 2.0, मुख्यमंत्री जनसुनवाई प्रकोष्ठ, CM Helpline तथा सामान्य जनसुनवाई में दर्ज हो रही शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। उनका स्पष्ट संदेश था — “प्रत्येक शिकायतकर्ता को यह महसूस होना चाहिए कि शासन उनकी चिंता करता है।

    विधायक ने भी की जनसुनवाई की सराहना

    कार्यक्रम में किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र के विधायक दीपचंद खैरिया भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम शासन की जवाबदेही को दर्शाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे नागरिकों की समस्याओं को मानवीय संवेदना के साथ देखें।

    उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी और विभागीय समन्वय

    कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, कोषाधिकारी सुरेश कुमार बंसल, नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा, सहकारिता विभाग के अधिकारी वेद प्रकाश सैनी, महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी बीना गुप्ता, अधीक्षण अभियंता धर्मवीर यादव, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक हवा सिंह जाट, आयुर्वेद विभाग के नोडल अधिकारी अजीत बालयाण, PHED विभाग, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, और अन्य जिला स्तरीय कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित रहे।

    जो अधिकारी किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके, उन्होंने VC (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से जनसुनवाई में भाग लिया और अपने विभागों से संबंधित मामलों की स्थिति से अवगत कराया।

    जनसुनवाई बनी संवाद का माध्यम

    यह जनसुनवाई सिर्फ शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं था, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का एक जीवंत उदाहरण भी था। अधिकारियों की तत्परता और कलेक्टर की स्पष्ट चेतावनी से यह संकेत गया कि अब प्रशासन जनसमस्याओं के प्रति गंभीर है और उसकी जवाबदेही तय की जा रही है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here