खैरथल जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने सरकारी कर्मचारी जितेंद्र शर्मा के निर्वस्त्र होकर धरने पर बैठने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने न्यूसेंस के आरोप में हिरासत में लिया, जांच जारी।
मिशनसच न्यूज, खैरथल।
जिला कलेक्टर कार्यालय खैरथल के मुख्य द्वार के सामने उस समय हड़कंप मच गया, जब एक सरकारी कर्मचारी अचानक निर्वस्त्र होकर धरने पर बैठ गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और देखते ही देखते मौके पर पुलिस व मीडिया कर्मियों की भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंचा और कुछ ही क्षणों में अपने कपड़े उतारकर वहीं जमीन पर बैठ गया। इस असामान्य दृश्य को देखकर वहां मौजूद कर्मचारी, अधिकारी और आमजन स्तब्ध रह गए। कई लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर मामला क्या है और यह व्यक्ति इस तरह का कदम क्यों उठा रहा है।
निर्वस्त्र होकर बैठे कर्मचारी ने मीडिया से बातचीत में अपनी पहचान जितेंद्र शर्मा के रूप में बताई। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन में पूर्व में किए गए गलत कार्यों और भविष्य में संभावित गलतियों के प्रायश्चित के उद्देश्य से इस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं। जितेंद्र शर्मा का कहना था कि यह उनका व्यक्तिगत आत्मिक निर्णय है और वे किसी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था फैलाने के इरादे से नहीं आए हैं।
हालांकि, कर्मचारी की इस हरकत को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में तनाव और असहजता का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने कर्मचारी को न्यूसेंस (सार्वजनिक अव्यवस्था) फैलाने के आरोप में हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद कार्यालय परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। कर्मचारी वर्ग और आमजन के बीच तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। कुछ लोग इसे मानसिक दबाव या व्यक्तिगत संकट से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला गंभीर मामला मान रहे हैं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल सिंह जाट ने बताया कि संबंधित कर्मचारी जितेंद्र शर्मा की ड्यूटी वर्तमान में किशनगढ़ बास क्षेत्र में लगी हुई है। इसके बावजूद वे अचानक जिला कलेक्टर कार्यालय खैरथल पहुंचे और कार्यालय के बाहर इस तरह का कृत्य किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आचरण सरकारी सेवा नियमों के विपरीत है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम ने यह भी कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या सार्वजनिक स्थल पर अव्यवस्था फैलाने को बर्दाश्त नहीं करेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है और कर्मचारी के व्यवहार की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कर्मचारी ने यह कदम किसी मानसिक दबाव, व्यक्तिगत विवाद या अन्य कारणों से उठाया है या नहीं। जांच के बाद ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की मानसिक स्थिति, कार्यदबाव और अनुशासन से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है।


