More
    Homeराजस्थानजयपुरडॉ. जुल्फिकार ने विधानसभा अध्यक्ष को भेंट की पुस्तकें, विवेकानंद विचारों के...

    डॉ. जुल्फिकार ने विधानसभा अध्यक्ष को भेंट की पुस्तकें, विवेकानंद विचारों के प्रचार का किया संकल्प

    स्वामी विवेकानंद पर शोध करने वाले युवा लेखक डॉ. जुल्फिकार ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पुस्तकें और मानचित्र किए भेंट

    जयपुर। स्वामी विवेकानंद के विचारों पर शोध एवं उनके प्रचार-प्रसार के लिए कार्य कर रहे भीमसर गांव निवासी युवा लेखक एवं चिंतक डॉ. जुल्फिकार ने जयपुर में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मुलाकात कर अपनी दो पुस्तकें भेंट कीं।

    डॉ. जुल्फिकार ने विधानसभा अध्यक्ष को ‘रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन’ तथा ‘स्वामी विवेकानंद चिंतन एवं रामकृष्ण मिशन खेतड़ी’ पुस्तकें भेंट कीं। इसके साथ उन्होंने एक विशेष मानचित्र भी सौंपा, जिसमें राजस्थान के उन प्रमुख स्थलों का उल्लेख किया गया है जहां स्वामी विवेकानंद ने अपने प्रवास के दौरान भ्रमण किया था।

    मानचित्र में अलवर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, माउंट आबू, खेतड़ी-झुंझुनूं और जोधपुर सहित वे स्थान शामिल हैं, जो स्वामी विवेकानंद के पदस्पर्श से जुड़े माने जाते हैं।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का राजस्थान की वीर भूमि और यहां के लोगों के प्रति विशेष प्रेम एवं सम्मान था। उन्होंने राजस्थान को त्याग, वीरता और स्वाभिमान की भूमि बताया था।

    उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवनकाल में लिखे 312 पत्रों में से 125 पत्र राजस्थान के लोगों को लिखे, जो इस प्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह को दर्शाते हैं।

    डॉ. जुल्फिकार ने विधानसभा अध्यक्ष को जानकारी दी कि राष्ट्रीय युवा दिवस 2020 से प्रारंभ किए गए ‘विवेकानंद कैलेंडर अभियान’ के तहत अब तक सात वर्षों में लगभग 80 हजार कैलेंडर निःशुल्क वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य एक लाख युवाओं तक स्वामी विवेकानंद के विचार पहुंचाना है।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here