विधायक ने देहरादून प्रवास के दौरान संत समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी की भेंट
देहरादून/अलवर, ।राजस्थान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं तिजारा विधायक महंत बालक नाथ योगी ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान आज देहरादून में उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की और उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की।
महंत बालक नाथ ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को बताया कि किस प्रकार राजस्थान में आमजन को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को राजस्थान में आगामी कार्यक्रमों व संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी भी दी।
अखिल भारतीय स्वामी राम तीर्थ मिशन के पट्टाभिषेक कार्यक्रम में हुए शामिल
तिजारा विधायक महंत बालक नाथ योगी जी ने देहरादून प्रवास के दौरान डॉ. स्वामी शिवचंद्र दास महाराज के अखिल भारतीय स्वामी राम तीर्थ मिशन के परमाध्यक्ष के रूप में हुए पट्टाभिषेक समारोह में भाग लिया। इस आध्यात्मिक आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण जी, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती जी सहित देशभर के प्रमुख संत-महात्मा और विद्वानजन उपस्थित रहे।
महंत बालक नाथ ने स्वामी शिवचंद्र दास महाराज को उनके नवनियुक्त दायित्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस मिशन के माध्यम से समाज में वैदिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को और अधिक गति मिलेगी। उन्होंने आयोजन को एक आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत बताते हुए कहा कि संत समाज देश के आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं और उनका मार्गदर्शन देश और समाज के लिए अमूल्य है।
उत्तराखंड की आध्यात्मिक महत्ता को बताया अद्वितीय
महंत बालक नाथ योगी ने उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए कहा कि यह भूमि भगवान केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र धामों की नगरी है, जिनकी महिमा हमारे शास्त्रों, उपनिषदों और पुराणों में वर्णित है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड न केवल तीर्थयात्रा का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक आत्मा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मां गंगा, मां यमुना जैसी नदियों का उद्गम स्थल होने के कारण यह भूमि विशेष महत्व रखती है। गंगा-यमुना न केवल जल की स्रोत हैं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत पूजनीय हैं। इस कारण सभी श्रद्धालु, नागरिक और सरकार को इन पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
सामूहिक उत्तरदायित्व की बात
महंत बालक नाथ ने कहा कि “गंगा स्वच्छ होगी तभी भारत स्वस्थ और समृद्ध होगा।” उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे तीर्थ स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। उन्होंने इसे “हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी” बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर संकल्प लेना चाहिए कि वह न केवल खुद स्वच्छता अपनाए, बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित करे।
राजनीति से ऊपर उठकर सेवा की भावना
महंत बालक नाथ योगी जी ने अपने दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ वे एक संत परंपरा से भी जुड़े हुए हैं और इस नाते उनका उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि धर्म, सेवा और राष्ट्र—इन तीनों मूल्यों को लेकर वे जनता की सेवा में समर्पित हैं।
उत्तराखंड-राजस्थान के सांस्कृतिक संबंधों को बताया प्रगाढ़
महंत जी ने कहा कि उत्तराखंड और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक रिश्ते ऐतिहासिक हैं। दोनों राज्यों की जनसंख्या में धार्मिक आस्था, सेवा, वीरता और संस्कृति की गहराई समान रूप से विद्यमान है। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच पर्यटन, तीर्थयात्रा, व्यापार और युवाओं के संवाद को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता जताई। तिजारा विधायक महंत बालक नाथ योगी का उत्तराखंड प्रवास आध्यात्मिक, सामाजिक और संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी से भेंट कर राज्य के विकास कार्यों की सराहना की, वहीं संत समाज के साथ संवाद कर सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। उनका यह दौरा सेवा, संस्कृति और संवाद की त्रिवेणी बनकर उभरा, जो आने वाले समय में राजस्थान और उत्तराखंड के रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगा।
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