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    दुश्मन के अड्डों को तबाह करने में सक्षम ड्रोन सिस्टम पर बड़ा करार

    एसएमपीपी और केएनडीएस की साझेदारी से अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का होगा देश में निर्माण

    नई दिल्ली: भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्वदेशी रक्षा उत्पादक कंपनी एसएमपीपी (SMPP) ने यूरोप की अग्रणी सैन्य उपकरण निर्माता कंपनी केएनडीएस (KNDS) के साथ अत्याधुनिक ‘लॉइटरिंग म्यूनिशन्स’ (आसमान में मंडराने वाले आत्मघाती ड्रोन) के स्वदेशी निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग समझौता किया है।

    फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित ‘यूरोसैटरी रक्षा प्रदर्शनी’ के दौरान गुरुवार को इस ऐतिहासिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस रणनीतिक साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य भारत में घरेलू रक्षा विनिर्माण को सुदृढ़ करना और भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को तत्काल पूरा करना है।

    सटीक मारक क्षमता और आधुनिक मार्गनिर्देशन प्रणाली

    यह समझौता भारतीय थल सेना के आधुनिकीकरण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सहभागिता के अंतर्गत विकसित किए जाने वाले घातक ड्रोन ‘सर्च-एंड-डिस्ट्रॉय’ (खोजो और नष्ट करो) की विशेष क्षमता से लैस होंगे, जो सेना की आपातकालीन सैन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हैं।

    ये प्रणालियां ‘फायर-एंड-फॉरगेट’ (दागो और भूल जाओ) तकनीक पर काम करेंगी, जिसमें उपग्रह (सैटेलाइट) और इन-बिल्ट ऑनबोर्ड नेविगेशन सिस्टम का बेजोड़ संयोजन होगा। इसके जरिए युद्ध क्षेत्र में छिपे बड़े और गतिशील खतरों को भी अत्यंत सटीकता से निशाना बनाकर निष्प्रभावी किया जा सकेगा।

    लंबी दूरी के लक्ष्यों को भेदने और हवाई सुरक्षा को ध्वस्त करने में सक्षम

    इन उन्नत ड्रोन्स को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि ये दुश्मन के हवाई सुरक्षा घेरे (एयर डिफेंस) को आसानी से भेद सकें। आकार में लचीले होने के कारण इन्हें विभिन्न अभियानों के अनुकूल ढाला जा सकता है। ये ड्रोन लंबी दूरी तक उड़ान भरकर दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों, रडार स्टेशनों, कमांड सेंटर्स और तोपखानों की सटीक टोह लेने और उन्हें पूरी तरह तबाह करने में सक्षम हैं।

    महंगे लड़ाकू विमानों या मिसाइलों की तुलना में बेहद किफायती होने के कारण, यह तकनीक बिना मानवीय जोखिम के दुश्मन के सैन्य तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

    दो वैश्विक रक्षा दिग्गजों का महत्वपूर्ण रणनीतिक मेल

    इस तकनीकी हस्तांतरण में शामिल दोनों ही कंपनियां अपने-अपने क्षेत्र की विशेषज्ञ हैं। भारतीय कंपनी ‘एसएमपीपी’ देश की एक प्रतिष्ठित एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माता है, जो लंबे समय से उन्नत बैलिस्टिक सुरक्षा कवच (बुलेटप्रूफ जैकेट), गोला-बारूद, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और सटीक मार करने वाले हथियारों का निर्माण कर रही है।

    दूसरी ओर, यूरोपीय दिग्गज ‘केएनडीएस’ थल सेना के साजो-सामान (लैंड वॉरफेयर) से जुड़े हथियार बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है, जो वैश्विक स्तर पर आधुनिक बख्तरबंद गाड़ियां, आर्टिलरी सिस्टम और युद्ध तकनीक की आपूर्ति करती है।

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