पुलिस-प्रशासन पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने का लगाया आरोप, बोले—पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से बौखलाई भाजपा; कांग्रेस का बनेगा बोर्ड
अलवर। नगर निगम चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अलवर की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के जीते हुए पार्षदों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के पार्षदों को जबरन उठाने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस स्वयं अपने पार्षदों को लेकर पुलिस के सामने आई है।
जूली ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलवर जिले में पुलिस बदमाशों को पकड़ने के बजाय पार्षदों को पकड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को कांग्रेस के पार्षदों को लेकर इतनी ही चिंता है तो कांग्रेस स्वयं उन्हें लेकर एसपी कार्यालय पहुंच गई है।
कांग्रेस प्रत्याशी को जबरन ले जाने का आरोप
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 की कांग्रेस प्रत्याशी को मालाखेड़ा और नौगावा थाना अधिकारियों द्वारा कथित रूप से जबरन गाड़ी में बैठाया गया। उन्होंने इस मामले में पुलिस महानिदेशक से संबंधित थाना अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जूली ने कहा कि चुनाव के बाद निर्वाचित पार्षदों को लेकर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
भाजपा को बोर्ड बनाने की लालसा है तो पार्षद ले जाइए
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि भाजपा को अलवर नगर निगम में बोर्ड बनाने की इतनी ही लालसा है तो कांग्रेस के पार्षद ले जाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद अपने पार्षदों को सौंपने के लिए एसपी कार्यालय आई है।
जूली ने दावा किया कि भाजपा को नगर निगम में पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिसके चलते वह बौखलाई हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि अलवर नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।
सरकार पर भी साधा निशाना
टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के तीन साल का शासन विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इस तरह की तानाशाही की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। जूली ने कहा कि पहले सरकार चुनाव नहीं कराना चाहती थी और उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद परिसीमन की आड़ में मतदाताओं को गुमराह किया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता तानाशाही का जवाब देगा
जूली ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार की तानाशाही का मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों पर इस खबर के लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पूरे मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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