नमन जैन ने कम उम्र में ही सिविल सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाकर निरंतर संघर्ष और आत्मनिर्भरता के साथ सफलता की नई इबारत लिखी
मिशनसच न्यूज, अलवर। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान रखने वाला अलवर शहर समय-समय पर ऐसी प्रतिभाओं को जन्म देता रहा है, जिन्होंने अपने संकल्प, अनुशासन और कड़ी मेहनत से न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राष्ट्र का नाम रोशन किया है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है अलवर के युवा अधिकारी नमन जैन की, जिन्होंने कम उम्र में ही सिविल सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाकर निरंतर संघर्ष और आत्मनिर्भरता के साथ सफलता की नई इबारत लिखी।
नमन जैन का जन्म वर्ष 1997 में अलवर निवासी व्यापारी सुरेश जैन के घर हुआ। संस्कारवान जैन परिवार में पले-बढ़े नमन को बचपन से ही अनुशासन, परिश्रम और ईमानदारी के संस्कार मिले। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अलवर के प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों में हुई। छात्र जीवन से ही वे अध्ययनशील, गंभीर और लक्ष्य के प्रति सजग रहे। बारहवीं कक्षा तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने यह तय कर लिया था कि उनका अंतिम उद्देश्य सिविल सेवा में जाना है, हालांकि उन्होंने यह भी समझा कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए धैर्य और एक मजबूत पेशेवर आधार आवश्यक है।
इसी सोच के साथ नमन उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की कठिन परीक्षा की तैयारी शुरू की। निरंतर परिश्रम और आत्मअनुशासन के बल पर उन्होंने वर्ष 2018 में सीए की उपाधि प्राप्त की। यह उपलब्धि उनके जीवन का अहम मोड़ साबित हुई, जिसने उन्हें न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान की, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक दायित्व का बोध भी कराया। सीए बनने के बाद उन्होंने भारत सरकार की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनबीसीसी (NBCC) में नौकरी ज्वाइन की और लगभग एक वर्ष तक कॉर्पोरेट क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

हालांकि, नमन का सपना यहीं तक सीमित नहीं था। उन्होंने नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। इसी दौरान उन्होंने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की परीक्षा दी, जिसमें उनका चयन हो गया और उन्हें मुंबई में पोस्टिंग मिली। महानगर में जिम्मेदार पद पर कार्य करते हुए भी उन्होंने अपनी तैयारी को कमजोर नहीं पड़ने दिया, जो उनके दृढ़ आत्मसंयम और मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
निरंतर प्रयासों का परिणाम यह रहा कि सेबी में कार्यरत रहते हुए ही उनका चयन दिल्ली पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर हो गया। यह उपलब्धि अपने आप में उल्लेखनीय थी, लेकिन नमन के लिए यह भी अंतिम मंज़िल नहीं थी। उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर लगातार कदम बढ़ाए और अंततः अप्रैल 2024 में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चयनित हुए। वर्तमान में वे नागपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और देश सेवा के लिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं।
यदि पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो नमन जैन के पिता श्री सुरेश जैन प्रतिष्ठित व्यापारी हैं, जबकि माता श्रीमती रूचि जैन एक गृहिणी हैं, जिन्होंने परिवार को संस्कार, सादगी और सेवा भाव से संजोए रखा। फरवरी 2025 में नमन का विवाह नेहा जैन से संपन्न हुआ, जो स्वयं एक योग्य सीएमए (CMA) हैं। उनकी बहन काकुल जैन भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जिनका विवाह नोएडा निवासी पारस जैन से हुआ है, जो रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े हैं। यह परिवार धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
नमन जैन का जीवन आज के युवाओं के लिए एक स्पष्ट संदेश देता है। उनका मानना है कि “एक परीक्षा कभी भी इंसान की किस्मत तय नहीं करती। असफलता मिलने पर हतोत्साहित होने के बजाय निरंतर प्रयास और धैर्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
संयम, परिश्रम और उच्च नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ते हुए नमन जैन ने यह साबित कर दिया है कि जैन समाज की युवा पीढ़ी न केवल शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनकी यह यात्रा निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
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