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    नशा परिवार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक जीवन और भविष्य का दुश्मन- न्यायाधीश अजीत कुड़ी

    लीगल लिटरेसी एंड सेंसटाइजेशन कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा और एनडीपीएस कानून की दी जानकारी

    खैरथल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खैरथल-तिजारा की ओर से ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के अंतर्गत मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में लीगल लिटरेसी एंड सेंसटाइजेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा मादक पदार्थों से संबंधित कानूनों की जानकारी देकर जागरूक किया। इस दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों की शिकायतों के लिए ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटिका भी स्थापित की गई।

    कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र व्यास के निर्देशन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना, नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना तथा बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना था।

    एनसीसी की सलामी और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ

    विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने स्टार पब्लिक स्कूल, खैरथल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ एनसीसी कैडेट्स की सलामी एवं मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    इसी क्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कुमारी ने इंजीनियरिंग पॉइंट स्कूल, मुंसिफ मजिस्ट्रेट खुशबू कंवरिया ने केरला पब्लिक स्कूल, एडीजे दीपेंद्र माथुर ने बाल भारती विद्यालय, गंज तथा एडीजे-02 जगदीश मीना ने सूरजभान सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बास कृपाल नगर में विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी प्रदान की।

    “नशा केवल स्वास्थ्य नहीं, पूरा भविष्य बर्बाद करता है”

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, सामाजिक जीवन और भविष्य को भी बर्बाद कर देता है। उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और अनुशासित एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

    उन्होंने बताया कि मादक पदार्थ एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के तहत मादक पदार्थों के उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण और सेवन जैसे अपराधों पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

    गलत संगति और सोशल मीडिया से बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति

    अजीत कुड़ी ने कहा कि अधिकांश युवा जिज्ञासा, गलत संगति, मित्रों के दबाव, तनाव, अवसाद, फैशन और सोशल मीडिया के प्रभाव में नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। शुरुआत शौक से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर लत का रूप ले लेती है।

    उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छी संगति चुनने, किसी भी नशे का “एक बार” भी प्रयोग नहीं करने, मानसिक तनाव होने पर परिवार या शिक्षकों से खुलकर बात करने तथा खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी।

    साइबर अपराधों से सतर्क रहने की दी सीख

    कार्यक्रम में न्यायाधीश ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजकल फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, ऑनलाइन निवेश, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन, सोशल मीडिया हैकिंग और बैंकिंग फ्रॉड जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, यूपीआई और सोशल मीडिया के पासवर्ड तथा ओटीपी किसी के साथ साझा न करें, किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध कॉल या संदेशों से सावधान रहें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।

    ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और साइबर बुलिंग भी अपराध

    अजीत कुड़ी ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चे तेजी से साइबर अपराधियों का शिकार बन रहे हैं। फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, साइबर बुलिंग, पहचान का दुरुपयोग, फोटो-वीडियो वायरल करना, अभद्र संदेश भेजना, साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे कृत्य कानूनन दंडनीय अपराध हैं।

    उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि कभी ऑनलाइन प्रताड़ना या ब्लैकमेलिंग का सामना करना पड़े तो घबराने के बजाय तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें और पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन की मदद लें।

    विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, न्यायाधीश ने दिए सरल जवाब

    शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने सरल उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में स्टार पब्लिक स्कूल के चेयरमैन डॉ. दिनेश यादव, प्रधानाचार्या अनुराधा चौहान ने न्यायिक अधिकारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कनिष्ठ सहायक रविंद्र कुमार, पीएलवी सूरजभान कछवाहा, विद्यालय स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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