More
    Homeराजस्थानअलवरनौगांवा में 16 दिवसीय संगीतमयी श्री शांति विधान का शुभारंभ, भक्ति में...

    नौगांवा में 16 दिवसीय संगीतमयी श्री शांति विधान का शुभारंभ, भक्ति में झूमे श्रावक-श्राविकाएं

    आचार्य ज्ञानभूषण मुनिराज के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान शुरू, 16 परिवार बने पुण्यार्जक

    नौगांवा। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, महावीर वाटिका नौगांवा में आचार्य श्री 108 ज्ञानभूषण जी मुनिराज ससंघ के पावन सानिध्य एवं क्षुल्लिका ज्ञानगंगा माताजी के दिशा-निर्देशन में 16 दिवसीय संगीतमयी श्री शांति विधान का विधि-विधान के साथ शुभारंभ हो गया है। 13 अगस्त से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। विधान को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है।

    16 दिवसीय श्री शांति विधान
    16 दिवसीय श्री शांति विधान

    शांति और संयम के प्रतीक भगवान शांतिनाथ की आराधना

    श्री शांति विधान जैन धर्म में 16वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ की आराधना एवं पूजा का महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। भगवान शांतिनाथ शांति और संयम के प्रतीक माने जाते हैं। विधान के दौरान मंदिर परिसर में मंडप के भीतर रंग-बिरंगे चावल, केसर, अष्टमंगल एवं सुगंधित द्रव्यों से आकर्षक चक्राकार मंडल तैयार किया गया है।

    मंडप के चारों कोनों एवं मध्य में मंगल कलश, नारियल और दीप प्रज्वलित किए गए हैं। इसके समक्ष श्रावक-श्राविकाएं शुद्ध वस्त्र धारण कर अष्ट द्रव्यों से भगवान की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री शांति विधान एवं मंडप पूजन से लोक कल्याण, आत्मिक शांति तथा जीवन में आने वाली विघ्न-बाधाओं से मुक्ति की भावना की जाती है।

    16 दिनों के लिए 16 परिवार बने पुण्यार्जक

    आयोजन के तहत प्रत्येक दिन अलग-अलग परिवारों को पुण्यार्जक बनने का अवसर प्रदान किया गया है। 16 दिवसीय विधान के लिए विजय-सचिन, टीकम-महेश, मंगल-राहुल, शिखर-राजकुमार, सुरेंद्र-ललित, पारस-गौरव, भुवनेश-अविनाश, पवन-चमन, दीपक-भारत, पदमचंद-पारस, नरेश-चर्चित, नरेंद्र-निरमेश, शिखर-संदीप, प्रेम-सुरेंद्र, विकास-हिमांशु तथा भागचंद-शैलेंद्र परिवार को पुण्यार्जक बनाया गया है।

    संगीत की धुन पर भक्ति में झूम रहे श्रद्धालु

    आचार्य श्री ज्ञानभूषण जी मुनिराज के चातुर्मास के चलते इन दिनों संपूर्ण नौगांवा का वातावरण धर्म और भक्ति से सराबोर है। श्री शांति विधान के दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मंदिर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु हाथों में चंवर लेकर संगीत की धुन पर भगवान की भक्ति में श्रद्धापूर्वक झूमते नजर आ रहे हैं।

    विधान के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक भजनों और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में समाजबंधुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

    दिल्ली और मध्यप्रदेश से पहुंचे विशेषज्ञ

    16 दिवसीय श्री शांति विधान को विधि-विधान एवं संगीतमय तरीके से संपन्न कराने के लिए दिल्ली से डॉ. अरविंद जैन शास्त्री को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। वहीं संगीत की प्रस्तुतियों के लिए टीकमगढ़, मध्यप्रदेश से संगीतकारों को बुलाया गया है।

    आचार्यश्री के सानिध्य में चल रहे इस आयोजन को लेकर जैन समाज में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु नियमित रूप से विधान में शामिल होकर भगवान शांतिनाथ की आराधना और धर्मलाभ ले रहे हैं।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here