धार्मिक प्रतीकों के अपमान का आरोप, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
अलवर। जिले के नौगावा थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट सिख समाज के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
राय सिक्ख वेलफेयर सोसायटी, अलवर के जिलाध्यक्ष सरदार कुलवंत सिंह के नेतृत्व में समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी और न्याय की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह ने बताया कि नौगावा थाने में एफआईआर संख्या 0177 दिनांक 20 मई 2026 को दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने पीड़ित के साथ मारपीट की, नकदी और सोने के आभूषण छीन लिए तथा उसकी पगड़ी खींचकर बालों पर पैर रखकर अपमानित किया। समाज का कहना है कि यह घटना सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है।
वीडियो उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि घटना का वीडियो उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कुलवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने पूर्व में नौगावा थाना प्रभारी और रामगढ़ सीओ को वीडियो उपलब्ध कराते हुए धार्मिक प्रतीकों के अपमान से संबंधित धाराएं जोड़ने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई और हल्की धाराओं में कार्रवाई कर आरोपियों को राहत प्रदान की गई।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
सिख समाज ने पुलिस अधीक्षक से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा आरोपियों के खिलाफ धार्मिक प्रतीकों के अपमान और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो सिख समाज में व्याप्त रोष और बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
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