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    पंचकल्याणक महोत्सव में जन्म कल्याणक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया

    भक्ति से सराबोर पंचकल्याणक पर लक्ष्मणगढ़ में निकली भव्य शोभायात्रा, गूंजे जयकारे

    लक्ष्मणगढ़। पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। बैण्डबाजों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयकारों के बीच सकल जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

    शोभायात्रा में ऐरावत हाथी, सुसज्जित रथों एवं धार्मिक झांकियों के साथ भगवान के माता-पिता, सौधर्म इंद्र, इंद्राणी तथा धनपति कुबेर सहित विभिन्न पात्रों का जीवंत चित्रण किया गया। यात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां ब्राह्मण समाज एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय पदार्थों की व्यवस्था की।

    भगवान के जन्म पर प्रकृति भी होती है आनंदित : मुनिश्री

    पंडाल में निर्मित अयोध्या नगरी में आयोजित जन्म कल्याणक समारोह के दौरान आचार्य मुनि श्री ज्ञान भूषण जी रत्नाकर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि तीर्थंकर भगवान का जन्म केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के लिए आनंद का अवसर होता है।

    उन्होंने कहा कि जब भगवान का जन्म होता है, तब देवों के साथ-साथ प्रकृति भी हर्षित हो उठती है। पशु-पक्षी भी आनंदित होकर उल्लास व्यक्त करते हैं। जीवन की वास्तविक सार्थकता तभी है जब व्यक्ति अपने भीतर पवित्र विचार, उच्च आचरण और सर्वकल्याण की भावना विकसित करे।

    मुनिश्री ने कहा कि जन्म कल्याणक केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, ज्ञान और वैराग्य को जागृत करने का संदेश भी देता है।

    108 मंत्रों के साथ हुआ महामस्तकाभिषेक

    शोभायात्रा के अयोध्या नगरी पंडाल में लौटने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा 108 मंत्रों के उच्चारण के साथ भगवान आदिनाथ का स्वर्ण कलशों से भव्य महामस्तकाभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ धर्म लाभ प्राप्त किया।

    पालना झुलाकर मनाया जन्मोत्सव

    सायंकाल श्री ज्ञान गंगा माताजी के सानिध्य में पंडित अरविंद शास्त्री द्वारा आरती एवं जन्म कल्याणक के प्रतीक स्वरूप भगवान का पालना झुलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पालना झुलाकर भगवान के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों ने भाग लेकर पंचकल्याणक महोत्सव को उत्साहपूर्वक मनाया।

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