जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में निराश्रित पशुओं, अवैध परिवहन और बूचड़खानों की निगरानी पर दिया जोर
अलवर। अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) अंबालाल मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, निराश्रित पशुओं के प्रबंधन, अवैध पशु परिवहन पर कार्रवाई, बूचड़खानों के पंजीकरण तथा सरिस्का क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक को निर्देश दिए कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाए।
निराश्रित पशुओं से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने के निर्देश
अंबालाल मीणा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे पशुओं को चिन्हित कर नजदीकी गौशालाओं एवं कांजी हाउस में स्थानांतरित किया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बूचड़खानों का सर्वे और श्वानों का टीकाकरण
नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहर में संचालित सभी बूचड़खानों एवं मांस की दुकानों का व्यापक सर्वे कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही एबीसी (Animal Birth Control) कार्यक्रम के तहत श्वानों का टीकाकरण एवं बधियाकरण अभियान भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
सरिस्का में वन्यजीवों को भोजन डालने वालों पर रहेगी नजर
बैठक में सरिस्का वन क्षेत्र में वन्यजीवों को खाद्य सामग्री खिलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता व्यक्त की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने वन विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा नियमित मॉनिटरिंग कर लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
अवैध पशु परिवहन पर होगी सख्त कार्रवाई
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि नियमों की अवहेलना कर पशुओं का अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पशु क्रूरता से संबंधित कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन में जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रमेश मीणा, पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) रविंद्र जोशी, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप सिंह, उपनिदेशक डॉ. सुभाष गुप्ता, एसीएफ हंसराज चौधरी, आरओ मनोज कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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