मालाखेड़ा के कुशलगढ़ जंगल में लगाए 15 बरगद के पेड़, गोवर्धन प्रजापत 20 किलोमीटर दूर जाकर नियमित करते हैं सिंचाई
मालाखेड़ा। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जहां अधिकांश लोग केवल पौधरोपण तक सीमित रहते हैं, वहीं अलवर जिले के मालाखेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लीली निवासी गोवर्धन प्रजापत पिछले सात वर्षों से पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें बड़ा होकर छायादार वृक्ष बनते देखना है।

रविवार, 12 जुलाई को गोवर्धन प्रजापत ने कुशलगढ़ के जंगल में 15 बरगद (बड़) के पौधे लगाए। इन पौधों को एक साथ जंगल तक पहुंचाने के लिए उन्होंने रिक्शा किराए पर लिया और फिर स्वयं उन्हें रोपित किया। उनका कहना है कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, उनकी नियमित देखभाल और सिंचाई भी उतनी ही आवश्यक है।
पेशे से टायर पंचर की दुकान चलाने वाले गोवर्धन प्रजापत भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। उन्होंने अपने घर पर एक छोटा मंदिर भी बनाया है, जहां प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा-अर्चना करते हैं। इसी परिसर में वे बरगद, पीपल और अन्य छायादार पौधों को तैयार करते हैं। जब पौधे थोड़े बड़े हो जाते हैं तो उन्हें सरिस्का और आसपास के जंगलों में रोपित कर आते हैं।
गोवर्धन की असली सेवा पौधरोपण के बाद शुरू होती है। गर्मी के मौसम में वे अपनी बाइक पर पानी के कैन रखकर लगभग 15 से 20 किलोमीटर दूर जंगल तक पहुंचते हैं और पौधों को पानी देते हैं। जब अधिक पानी की आवश्यकता होती है तो वे रिक्शा में बड़े ड्रम भरकर ले जाते हैं, ताकि कोई पौधा सूखने न पाए।
गोवर्धन प्रजापत बताते हैं कि उनकी वर्षों की मेहनत का परिणाम अब दिखाई देने लगा है। उनके द्वारा लगाए गए करीब 15 पौधे अब बड़े छायादार पेड़ों का रूप ले चुके हैं, जबकि लगभग इतने ही पौधे अभी विकास की अवस्था में हैं। उनका विश्वास है कि नियमित देखभाल और प्रेम से ये पौधे भी जल्द ही विशाल वृक्ष बनेंगे।
हर वर्ष बारिश के मौसम में गोवर्धन नए पौधे लगाते हैं और पूरे वर्ष उनकी देखभाल करते हैं। उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर सेवा और जिम्मेदारी का कार्य है। उनकी यह पहल क्षेत्र के लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

