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    Homeराजस्थानअलवरबिचगांवा में संत दुर्बलनाथ की 165वीं जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा

    बिचगांवा में संत दुर्बलनाथ की 165वीं जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा

    जन्मस्थली पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, आकर्षक झांकियों के साथ निकली यात्रा; रात में सत्संग और सांस्कृतिक समारोह का होगा आयोजन

    लक्ष्मणगढ़। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिचगांवा में राष्ट्रीय संत शिरोमणि बाबा दुर्बलनाथ जी महाराज की पावन जन्मस्थली पर मंगलवार को उनकी 165वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर खटीक समाज की ओर से गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल रहीं, वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

    जयंती समारोह के दौरान संत दुर्बलनाथ जी महाराज के मानवता, समानता, एकता और भाईचारे से जुड़े संदेशों को याद किया गया। जन्मस्थली बिचगांवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक उत्साह का माहौल नजर आया।

    झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा

    संत शिरोमणि बाबा दुर्बलनाथ जी की स्मृति में आयोजित शोभायात्रा में विभिन्न आकर्षक झांकियां सजाई गईं। यात्रा में समाज के लोगों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने संत दुर्बलनाथ जी के विचारों और सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

    समाज के पवन नागर और रामेश्वर खींची ने बताया कि संत दुर्बलनाथ जी महाराज को हिंदू खटीक समाज का कुलगुरु माना जाता है। उनकी जयंती समाज के लिए आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का महत्वपूर्ण अवसर है।

    रात में सत्संग और सांस्कृतिक समारोह

    जयंती के अवसर पर मंगलवार रात बिचगांवा में भव्य सत्संग और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में संत दुर्बलनाथ जी के जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया जाएगा। आयोजन को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह है।

    सत्य, समानता और मानवता का दिया संदेश

    समाज से जुड़े लोगों के अनुसार संत दुर्बलनाथ जी महाराज का जन्म 19वीं सदी में अलवर जिले के बिचगांवा में हुआ था। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से समाज में सत्य, समानता, शिक्षा और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं।

    बांदीकुई में है प्रमुख मंदिर

    संत दुर्बलनाथ जी महाराज से जुड़ा प्रमुख मंदिर राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई कस्बे में स्थित बताया जाता है। यहां प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बड़ा धार्मिक महोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के श्रद्धालु पहुंचकर दर्शन करते हैं।

    जयंती समारोह में रतन सिंह गंगवाल, लहरी राम नागर, पवन नागर, रामेश्वर खींची सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। महिलाओं और बच्चों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।

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